हाटा। कजाकिस्तान की राजधानी अलमाटी में फंसा हाटा के सिकटा पगरा गांव का शिवा मंगलवार की सुबह मुंबई पहुंच गया। इसके बाद शिवा और उसके परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली। वहां पर शिवा से सफाईकर्मी का काम लिया जाता था और इसकी बात भी नहीं सुनी जाती थी। भोजन सिर्फ मांसाहारी मिलता था, जो कभी नहीं खाया था। शाकाहारी होने के कारण सिर्फ पावरोटी खाकर रहना पड़ रहा था। पंजाब के लुधियाना में इसके माता-पिता रहते हैं।
विदेश में बेहतर रोजगार और उज्ज्वल भविष्य का सपना दिखाकर कुशीनगर के एक युवक के साथ गोरखपुर के एक एजेंट ने जालसाजी कर ली। युवक का कहना है कि रूस में दवा पैकिंग की नौकरी दिलाने के नाम पर उससे तीन लाख रुपये लिए गए, लेकिन उसे कजाकिस्तान भेज दिया गया, जहां उससे सफाई का काम कराया गया।
किसी तरह भारत लौटे युवक ने अब पूरी बात सार्वजनिक की है। पीड़ित शिवा सिंह ने बताया कि वह रोज़गार की तलाश में थे और इसी दौरान गोरखपुर के सिंघड़िया क्षेत्र में स्थित एक एजेंट से संपर्क हुआ। उसने रूस में दवा पैकिंग की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। अच्छी सैलरी और सुरक्षित भविष्य का सपना दिखाया।
शिवा सिंह के अनुसार रूस भेजने के नाम पर उनसे तीन लाख रुपये लिए गए। जमीन गिरवी रखी और रिश्तेदारों से कर्ज लेकर पैसा दिया। उनका कहना है कि उन्होंने यह सोचकर इतनी बड़ी रकम जुटाई थी कि विदेश जाकर बहन की शादी में हुआ कर्ज भी चुका देगा। लेकिन उसके साथ धोखा हो गया। वहां एक एक पल काटना मुश्किल हो गया था। वहां पर दवा पैकिंग की जगह सफाईकर्मी का काम लिया जा रहा था, शाकाहारी भोजन भी नहीं मिल रहा था। पावरोटी खाकर रहना पड़ा। विदेश जाने से अच्छा अपने यहां रोजगार करना या किसी कंपनी में काम करना।