हाटा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाटा पर डॉक्टरों के वर्चस्व की लड़ाई में ओपीडी प्रभावित होने का मामला प्रकाश में आने के बाद शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे एसडीएम ने सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। उस दौरान सात डॉक्टरों सहित नौ कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
एसडीएम ने अपनी-अपनी रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। सीएमओ का कहना था कि जांच में गैर हाजिर डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के वेतन काटे जाएंगे। एसडीएम सुबह करीब नौ बजे हाटा सीएचसी पर पहुंचे।
उस समय तक ओपीडी में कोई डॉक्टर नहीं बैठा था। उन्होंने उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया तो डॉक्टर प्रशांत मिश्रा, डॉ. रमेश चंद्रा, डॉ. मधू पासवान, डॉ. रूपानी श्रीवास्तव, डॉ. आशुतोष त्रिपाठी, डॉ. राजीव रंजन और नेत्र परीक्षक अनिरुद्ध सिंह, एसआई दीपक अनुपस्थित पाए गए।
यह देख एसडीएम दंग रह गए। क्योंकि ओपीडी का समय आठ बजे से है। मौके पर मौजूद मरीजों ने शिकायत की कि यहां कभी भी डॉक्टर समय से ओपीडी में नहीं बैठते हैं।
लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि कई डॉक्टर अपने आवासों पर मरीजों को देखते है। एसडीएम से लोगों ने शिकायत भी की अधिकांश डॉक्टर बाहर के मेडिकल स्टोरों पर मिलने वाली दवाएं ही लिखते हैं। विवश होकर लोगों को बाहर से मंहगी दर पर दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। एसडीएम की जांच में यह भी सामने आया कि प्रसव रूम में रखे रजिस्टर में प्रसूताओं के डिस्चार्ज का समय अंकित नहीं है और न इनका समय-समय पर परीक्षण ही किया जा रहा है।
वार्ड के भ्रमण के दौरान पाया गया कि एसआईबी जांच के लिए कोई एलटी यहां तैनात नहीं है। इसके पहले एसडीएम ने रात में भी करीब नौ बजे अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। उस दौरान भी कमियां मिली थीं। इस संबंध में एसडीएम ने बताया कि रात और सुबह दो बार औचक निरीक्षण करने के दौरान हाटा सीएचसी की स्थिति संतोष जनक नहीं मिली।
पूरी रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजी जाएगी। लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। डॉक्टरों के अनुपस्थित होने के मामले में सीएमओ से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि जानकारी हुई है। जल्द ही कडे़ कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा जो कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए है, उनका वेतन भी काटा जाएगा।