सुकरौली। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं को पारंपरिक कार्यों से हटकर उद्यमिता और बाजार आधारित उत्पादन से जोड़ना है। त्योहारों को देखते हुए समूहों को सजावटी सामग्री और अन्य उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण भी मिलेगा। साथ ही घरेलू उत्पाद जैसे अचार, पापड़, मसाले और हस्तशिल्प को बेहतर गुणवत्ता के साथ तैयार करने पर जोर रहेगा। उन्हें बैंकिंग, ऋण और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
एनआरएलएम के अनुसार उत्पादों के विपणन, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। ब्लॉक स्तर के अधिकारी प्रशिक्षण की निगरानी और समीक्षा करेंगे। परिवहन व विपणन में सहयोग देकर समूहों को उचित बाजार उपलब्ध कराने और आय बढ़ाने पर फोकस रहेगा। त्योहारों के दौरान होने वाली गतिविधियों की भी विशेष निगरानी की जाएगी।
सुकरौली ब्लॉक में हुई बैठक में खंड विकास अधिकारी मनोज कुमार शर्मा ने बैंक अधिकारियों और एनआरएलएम टीम के साथ मिलकर स्वयं सहायता समूहों की योजनाओं को धरातल पर उतारने पर जोर दिया। बैठक में तय किया गया कि समूहों को बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अधिक से अधिक जोड़ा जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करेंगे। साथ ही समूहों की नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक समय पर पहुंच सके। एनआरएलएम के तहत चयनित समूहों को विशेष प्रशिक्षण देकर त्योहार आधारित उत्पादों से भी जोड़ा जाएगा।