पडरौना। कृषि विभाग ने बीज वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए अब ‘पहले आओ, पहले पाओ’ प्रणाली समाप्त कर दी है। इसके स्थान पर पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ‘ई-लॉटरी’ प्रणाली लागू की गई है। नई व्यवस्था 24 अप्रैल 2026 के शासनादेश के अनुपालन में लागू की गई है।
उप कृषि निदेशक अतिंद्र सिंह ने बताया कि अब किसान विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन बीज बुकिंग करेंगे। यदि निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनके पास फार्मर रजिस्ट्री आईडी (किसान पहचान पत्र) होगा। उन्होंने बताया कि नए किसानों को मौका देने के लिए किसी भी किसान को एक ही फसल पर अनुदान का लाभ एक वर्ष छोड़कर ही मिलेगा। साथ ही, विभिन्न फसलों के लिए बीज की मात्रा और पैकिंग साइज वैज्ञानिकों की संस्तुति के अनुसार एक समान कर दी गई है। फसलवार बीज मात्रा के तहत बासमती धान पांच किग्रा, अन्य धान आठ किग्रा, उर्द, मूंग व अरहर चार किग्रा, मूंगफली 20 किग्रा, संकर धान तीन किग्रा तथा संकर मक्का चार किग्रा प्रति कृषक निर्धारित की गई है। खरीफ फसल के लिए बीज बुकिंग 15 अप्रैल से शुरू हो चुकी है, जिसकी प्रथम कट-ऑफ तिथि 10 मई तय की गई है।