फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए एसडीएम तैयार करेंगे रिपोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए एसडीएम तैयार करेंगे रिपोर्ट
विज्ञापन

पडरौना। बारिश नहीं होने से जिले में धान की फसल चौपट हो गई है। किसान पंपिंगसेट समेत अन्य साधनों से फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। इसके बावजूद, जिले के अधिकांश किसानों की फसलें सूख गईं हैं। इसको देखते हुए विभिन्न संगठनों की तरफ से कुशीनगर जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की जा रही है। इसको गंभीरता से लेते हुए एडीएम देेेवी दयाल वर्मा ने जिले के सभी एसडीएम को तहसीलवार फसलों की जांच करके रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके आधार पर जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाएगा।
284376 हेक्टेयर में फैले जिले में 223836 हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है। इन खेतों में फसलों की सिंचाई के लिए 147 नलकूप, 352 निजी नलकूप, 38222 बोरिंग (जहां पंपिंग सेट लगे हैं), 1503 किलोमीटर नहर की व्यवस्था है। सिंचाई के इन साधनों से जिले की 155000 हेक्टयर खेतों की सिंचाई होती है। शेष क्षेत्रफल में उगाई गई फसलें बारिश पर ही निर्भर होती हैं। इस वर्ष एक लाख 23 हजार हेक्टेयर में धान, 85 हजार हेक्टर में गन्ना, शेष क्षेत्रफल में मक्का, सब्जियां, मूंगफली, उड़द समेत अन्य फसलें उगाई गई हैं। कम बारिश होने से धान सहित अन्य फसलें खराब होने लगी हैं।
विज्ञापन

सूखे की हालत को देखते हुए रोजाना कोई न कोई राजनीतिक संगठन डीएम और एसडीएम कार्यालय पर पहुंचकर किसानों के हित में मांग उठा रहा है। इसको गंभीरता से लेते हुए एडीएम ने जिले के सभी एसडीएम को फसलों का सर्वे करके तहसीलवार रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन

ऐसे मिलेगा मुआवजा
जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए एसडीएम की अगुवाई में राजस्व टीम से उगाई गई फसलों का सर्वे कराया जाता है। इसमें यदि फसलें 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान में होती हैं तो किसानों को मुआवजा दिया जाता है।
जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए सर्वे करने के निर्देश सभी एसडीएम को दिए गए हैं। इसके आधार पर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- देवी दयाल वर्मा, एसडीएम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें