सात माह बाद खुले स्कूल तो परिसर में लौटी रौनक
दो पालियों में संचालित हो रही है नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं
थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही स्कूल में प्रवेश, सैनिटाइजर का भी इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। कोरोना संकट के चलते सात माह तक स्कूलों में छाई विरानी सोमवार को बच्चों की चहलकदमी से टूटी। सुबह सभी सरकारी व मान्यता प्राप्त स्कूलों में नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी अपनी शिफ्ट के अनुसार विद्यालय पहुंचे। पहले दिन प्रधानाचार्यों ने स्वयं गेट पर खड़े होकर छात्र-छात्राओं का स्वागत किया। थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजर लगाने के बाद बच्चों को कक्षाओं में प्रवेश दिया गया।
मार्च के प्रथम सप्ताह में यूपी बोर्ड की परीक्षाएं समाप्त होने के बाद स्कूल होली तक के लिए बंद हुए थे। तब तक कोरोना का असर तेज हो गया और 22 मार्च से सभी शिक्षण संस्थान अग्रिम आदेश तक के लिए बंद कर दिए गए। जुलाई में स्कूल खुल तो गए लेकिन केवल शिक्षकों को विद्यालयीय कार्य से आने की अनुमति दी गई थी। संक्रमण का असर कम होने के बाद सोमवार से हाईस्कूल व इंटर की कक्षाओं में पढ़ाई शुरू हुई है।
सुबह पहली पाली की पढ़ाई 8:50 बजे से शुरू होनी थी। इसके लिए सवा आठ बजे से ही बच्चों का आगमन शुरू हो गया था। उदित नारायण इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य जगमोहन तिवारी, हनुमान इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य शैलेंद्र दत्त शुक्ल, भारतीय इंटर कालेज में प्रधानाचार्य नवेंदु कुशवाहा, नवजीवन इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य वीरेंद्र कुमार सिंह, शाकुंतल इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्रा, जेपी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्रीराम प्रसाद समेत सभी इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने गेट पर खड़े होकर छात्र-छात्राओं को नए सत्र में विद्यालय आने पर शुभकामना देते हुए कोविड-19 के प्रोटोकॉल की जानकारी दी। अध्यापकों ने छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग की तथा सैनिटाइजर लगाकर कक्षाओं में भेजा। कई जगह सेंसरयुक्त सैनिटाइजर मशीन लगाई गई है। कक्षाओं में भी बच्चों को एक-एक सीट छोड़कर बैठाया गया था ताकि सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे।
विद्यालय आने पर खुश हुए होनहार
हनुमान इंटर कॉलेज पडरौना की नौवीं की छात्रा श्रेया मिश्रा का कहना था कि ऑनलाइन पढ़ाई तो हो रही थी लेकिन कक्षाएं नहीं चलने से पढ़ाई का बेहतर माहौल नहीं बन पा रहा था। अब नियमित कक्षाएं चलेंगी तो विषयों की पढ़ाई अच्छी होगी।
नवजीवन इंटर कॉलेज पटहेरवा के 12वीं के छात्र अभिमान गौड़ ने कहा कि इस सत्र में बोर्ड की परीक्षा है। ग्रामीण इलाके में इंटरनेट की दिक्कत से ठीक से पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। कक्षा में सवाल-जवाब होने से विषयों की अच्छी समझ आती है।
उदित नारायण इंटर कॉलेज पडरौना में 11वीं के छात्र सत्यम का कहना था कि ऑनलाइन क्लास चालू रहने से विषयों से जुड़ाव बना रहा। परंतु नियमित पढ़ाई के लिए कक्षाओं का अपना खास महत्व है। कक्षा की शिक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।
भारतीय इंटर कॉलेज पडरौना में कक्षा नौवीं की छात्रा रागिनी सिंह का कहना था कि नियमित कक्षाओं का संचालन होने से पढ़ाई का माहौल और बेहतर बन सकेगा। कक्षा में सहपाठियों से विषयों पर चर्चा होने से शंकाएं जल्दी दूर होती हैं।
कोविड प्रोटोकॉल का जरूर करें पालन: डीआईओएस
कोरोना का असर कम जरूर हुआ है लेकिन अभी यह पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। इसलिए पढ़ाई के दौरान कोरोना से बचाव के लिए जरूरी मानकों का पूरा ख्याल रखें। घर से लेकर कॉलेज तक सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क का ख्याल रखें। प्रधानाचार्य इस बात का ध्यान दें कि कक्षाओं में किसी भी सूरत में भीड़ नहीं होनी चाहिए।
-उदय प्रकाश मिश्रा, डीआईओएस कुशीनगर।