गंडक नदी का जलस्तर बढ़ते ही एपी तटबंध के किनारे अहिरौलीदान गांव के सामने कटान शुरू हो गई है।
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तरयासुजान। गंडक नदी के जलस्तर में मामूली बढ़त होते ही अहिरौलीदान गांव के कचहरी टोले के सामने कटान शुरू हो गई है। दरवाजे तक पहुंची नदी से बचाव के लिए कोई उपाय नहीं होता देख छह लोगों ने शनिवार को अपना घर छोड़कर बंधे पर शरण ले ली।
गांव के लोग पक्के मकानों को तोड़ने लगे हैं। गंडक नदी पिछले चार वर्षों से एपी तटबंध के किनारे बसे अहिरौलीदान गांव के पास कटान कर रही है। गांव के बैरिया और चित्तू टोले से आगे बढ़ते हुए कचहरी टोले तक पहुंची बर्बादी की कहानी इस वर्ष भी नहीं रुकी। शुक्रवार को नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही पिछले साल से रुका कटान फिर शुरू हो गई।
शनिवार की सुबह गंडक की धारा कचहरी टोला निवासी कमल सिंह के घर तक पहुंच गई। नदी के रुख को देखते हुए साधू सिंह, कमल सिंह, चंद्रेश्वर सिंह, धनेश्वर सिंह, रामेश्वर सिंह और दिलीप सिंह ने अपना पक्का मकान छोड़कर सामान और परिवार के सदस्यों को बंधे पर भेज दिया। इसके बाद मकान को भी तोड़ा जाने लगा।
कटान की सूचना पर तमकुहीराज के विधायक अजय लल्लू के प्रतिनिधि जेबी सिंह और जुल्फिकार मदद का आश्वासन दिया। कटान से प्रभावित लोगों के अनुसार कचहरी टोले पर अभी भी करीब 300 परिवार बचे हैं। अगर समय रहते बचाव कार्य शुरू नहीं कराया गया तो सभी लोग बेघर हो जाएंगे।