दुदही। महिलाओं की शिक्षा के लिए सावित्री बाई फुले ने पहली बालिका पाठशाला खोली थी। उन्होंने महिलाओं के आत्मगौरव और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए।
ये बातें पिछड़ा वर्ग कल्याण बोर्ड के सदस्य फुलबदन कुशवाहा ने कही। वे क्षेत्र के पचरूखिया में अयोजित सावित्री बाई फुले जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सावित्री बाई फुले ने महिलाओं को समाज की रूढि़वादी सोच से बाहर निकालकर उनका आत्मविश्वास और स्वाभिमान वापस दिलाया। कार्यक्रम को चंदेश्वर कुशवाहा, राजमंगल कुशवाहा, अशोक कुशवाहा, गंगेश कुशवाहा आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजकुमार कुशवाहा ने की। इस दौरान रामबली कुशवाहा, राजमंगल यादव, अनिल कुशवाहा, रमेश कुशवाहा आदि मौजूद रहे।