कलेक्ट्रेट सभागार में ओडीएफ प्लस गांव में हुए कार्यों की समीक्षा की गई
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को डीएम ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ प्लस गांवों में हुए विकास कार्यों की समीक्षा बैठक हुई थी। इसमें डीएम ने शासन की तरफ से निर्गत धन के सापेक्ष 19 गांव में विकास कार्यों की प्रगति 40 प्रतिशत से कम मिली थी।
इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने अधिकारियों को फटकार लगाई तो बृहस्पतिवार को डीएम ने कम प्रगति मिलने वाले गांवों के सचिवों का अप्रैल से अपेक्षित प्रगति तक वेतन बाधित कर दिया है। उनके इस कार्रवाई से जिले के ग्राम सचिवों में हड़कंप मचा है।
डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडिएफ प्लस गांव हुए विकास कार्यों की समीक्षा में जिले के 19 गांवों में शासन की तरफ से निर्गत धन के सापेक्ष कार्यों की प्रगति 40 फीसदी कम मिली है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। उनके निर्देश पर दुदही ब्लॉक के गुरवलिया के तत्कालीन सचिव जन्मेजय सिंह के अलावा बांसगांव व पडरौन मडुरही गांव के सचिव का वेतन बाधित किया गया है।
इसी तरह पडरौना ब्लॉक के पिपरा जटामपुर, फाजिलनगर ब्लॉक के रहसू जनोबीपट्टी, तरुअनवा, खड्डा ब्लॉक के करदह, नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के सिंगहा, मड़ार बिंदवलिया, देवतहा बाली, सौरहा खुर्द, रामकोला ब्लॉक के सिधावे, सेवरही ब्लॉक के पिपराघाट एहतमाली, तमकुहीराज ब्लॉक के धुरिया कोट, बभनौली, अजयनगर, कोइंदी बुजुर्ग, महुआ बुजुुर्ग, विशुनपुरा ब्लॉक के खेसिया ओर मनिकौरा गांव के सचिव का अप्रैल माह से अपेक्षित प्रगति तक वेतन बाधित किया गया है।