खड्डा। साइबर ठगी के मामले में सभी आरोपियों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है। ठगों के सरगना का नेटवर्क कई प्रांतों में फैला है। उस पर केस भी दर्ज है। पुलिस गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है, लेकिन सफलता नहीं मिल रही है।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस की असफलता की वजह साइबर ठगी के मास्टर माइंड राकेश पाल व सरवरे आलम का लोकेशन नहीं मिलना बताया जा रहा है। अभी तक इस मामले में चार आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है, जो तीन एक ही परिवार के रहने वाले हैं। सरवरे आलम अपने भाई के पास भागने के प्रयास में है। उसका भाई सऊदी अरब में रहकर काम करता है। इसकी जानकारी होने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है। दूसरी ओर साइबर ठगी के इस मामले में ईडी व इनकम टैक्स अब जांच में शामिल हो सकते हैं।
इस मुकदमे में नामजद व जांच में संलिप्त पाए गए लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी। खड्डा पुलिस ने पूरी जानकारी दोनों विभागों को भेज दिया है। मामले में पांच करोड़ की संपत्ति सामने आई थी।
खड्डा थाने में साइबर ठगी के अलग-अलग दो मुकदमे दर्ज हैं तथा एक कप्तानगंज थाने में दर्ज है। इस क्रम में चार लोग जेल भेजे गए हैं। परंतु इस नेटवर्क के मुख्य आरोपी सिसवा मनिराज गांव का राकेश पाल व पकड़ी बृजलाल का सरवरे आलम पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरवरे आलम का भाई जो सऊदी अरब में है उसका बैकग्राउंड खंगाला जा रहा है। सरवरे आलम के अपने भाई के पास भागने की कोशिश में है। बताया जाता है कि नेपाल में दोनों छिपे हैं, लेकिन स्थायी इनका लोकेशन पुलिस को नहीं मिल पा रहा है।
पुलिस जांच में कई और नाम से जुड़ा लिंक मिला है। जिसकी जांच गोपनीय तरीके से पुलिस कर रही है। कभी भी अन्य शामिल लोग गिरफ्तार किए जा सकते हैं। सरवरे आलम के परिवार सहित कुछ रिश्तेदार भी पुलिस की रडार पर है। ऐसे ही राकेश पाल के सहयोगी व साथ रहने वाले भी चिन्हित किए जा रहे हैं। पुलिस की टीम लगातार इनके गिरफ्तारी हेतु काम कर रही है।