कसया। बुद्धनगरी के लीलावती देवी स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय कुशीनगर महोत्सव में रविवार की रात भोजपुरी और रशियन युगलबंदी ने खूब धमाल किया। इस दौरान फिल्म अभिनेता मनोज तिवारी ‘मृदुल’ की गीतों का जादू युवाओं के सिर चढ़कर बोला, वहीं रशियन कलाकारों का बैले डांस देख लोग थिरक उठे।
तीन दिनों तक चला महोत्सव माटी की महक बिखेरता रहा। सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत गायिका विजेता गोस्वामी की ओर से देवी गीत प्रस्तुत कर किया गया। इसके बाद भोजपुरी कलाकार शिवानी पांडेय ने देवी गीत ‘दुलरी बड़ी दुलरी, सबका से हई सुकवार हो हमार मइया दुलरी...’ प्रस्तुत कर मंच को ऊंचाई दी। भजन गायक नंदू मिश्रा ने ‘हमें बुद्ध के चरणों में मस्तक को झुकाना है..., ए दरबार माता का, माता का घर है...’ प्रस्तुत कर कुछ समय के लिए माहौल को भक्तिमय बना दिया। मंच पर आए लोक गायक मनोज मिश्र मिहिर ने ‘उ त खेले लगली, तकिया रजाई से...’ के माध्यम से भइया के साली के संबंधों को उकेरने का प्रयास किया।
जबकि चमके सुरतिया जैसे चंदा... सुनाकर युवाओं की तालियां बटोरी। जैसे ही मंच पर फिल्म अभिनेता मनोज तिवारी ‘मृदुल’ आए पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। इसके बाद चढ़ा भोजपुरी का रंग भोर तक और चटख हो चला। मनोज अपने चिर परिचित अंदाज में युवाओं की फरमाइश पूरी करते रहे। ‘एमए में लेके एडमिशन कंप्टीशन देता..., बसंती चमन में चहक जाला के हू...’ सहित अन्य गीतों का लोगों ने लुत्फ उठाया। कुशीनगर जैसे ग्रामीण इलाके में रशियन कलाकारों की ओर से प्रस्तुत किया गया अत्याधुनिक बैले डांस आकर्षण का केंद्र रहा।
संचालन प्रभुनाथ दाढ़ी ने किया। आयोजक विनय राय और राजश्री राय ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार जताया। शंकर वर्मा, दीपक सिंह, मोतीलाल शर्मा, वीरेंद्र, प्रदीप शीतल, शेरू आदि कलाकारों ने विभिन्न वाद्ययंत्रों पर संगत किया। इस मौके पर एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल, सीओ विनय सिंह, एसओ ज्ञानेंद्र नाथ शुक्ल, संतोष सिंह, जितेंद्र राव, आनंद प्रकाश उपाध्याय, त्रिलोकीनाथ पांडेय, चंदन राज, विकास कुमार, संजय दुबे, राकेश जायसवाल, दूधनाथ पांडेय आदि मौजूद रहे।