पडरौना। मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रत्याशियों की तरफ से शराब, बिछुआ और अन्य वस्तुओं का प्रलोभन देने की बात दूसरे चरण के मतदान में खुलकर सामने आई। फाजिलनगर ब्लॉक के दो गांवों में एक प्रत्याशी की ओर से शराब और नकली बिछुआ बांटने से नाराज लोगों ने प्रत्याशी को दौड़ा लिया।
प्रत्याशी की गाड़ी को क्षति पहुंचाने की कोशिश की। मतदान के दौरान सेवरही ब्लॉक के एक बूथ के भीतर मतदाता को इशारा करने को लेकर दो पक्ष भिड़ गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। सेवरही के हरिहरपुर में एक मतदानकर्मी फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाकर कुछ लोगों ने हंगामा किया। पुलिस वहां लाठियां फटकारकर भीड़ को तितर-बितर की।
इतना ही नहीं इस बार की सूची में नाम नहीं होने पर कई मतदाता मताधिकार से वंचित कर दिए गए तो कहीं पानी तक का इंतजाम नहीं होने से मतदाता और मतदानकार्मिक परेशान रहे। जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए हुए दूसरे चरण का मतदान भी कई जगह हंगामे के कारण प्रभावित होता रहा। खड्डा और कप्तानगंज ब्लॉकों के एक-एक बूथ पर दोबारा मतदान कराया गया।
फाजिलनगर, तमकुही और सेवरही ब्लॉक के 15 वार्डों में जिला पंचायत सदस्य और 2368 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए दूसरे चरण का मतदान मंगलवार को हुआ। इन ब्लॉकों के 378 मतदान केंद्रों पर 766 बूथ बनाए गए थे। सुबह सात बजे मतदान शुरू तो हो गया, लेकिन कई बूथों पर झड़प तथा हंगामे की स्थिति रही। तुर्कपट्टी प्रतिनिधि के अनुसार फाजिलनगर ब्लॉक का वार्ड नंबर-40 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। इस वार्ड से छह प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।
गांववालों के मुताबिक सोमवार की देर रात गुरवलिया और महुआरी गांव में तीन-चार वाहनों के साथ पहुंचे एक प्रत्याशी के पति ने वोटरों को चांदी का बिछुआ और शराब वितरित किया। थोड़ी देर में लोगों को जब जानकारी हुई कि वह बिछुआ चांदी का नहीं है, तो लोग प्रत्याशी को दौड़ा लिए। प्रत्याशी के वाहन को लोगों ने क्षतिग्रस्त करने की कोशिश की।
सेवरही प्रतिनिधि के अनुसार जिला पंचायत के छह तथा क्षेत्र पंचायत के 833 वार्डों के लिए मंगलवार को मतदान हुआ। पकड़िहार पूरबपट्टी के प्राथमिक विद्यालय स्थित बूथ पर वोटर को इशारा करने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए। हंगामा बढ़ते देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए उन्हें दौड़ा दिया।
सुबह से ही कई बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइन होने के बावजूद मतदान की गति काफी धीमी रही। धूप की परवाह किए बिना बुजुर्ग, बीमार लोग और महिलाएं भी मतदान के लिए उत्सुक नजर आ रही थीं।
नदी के दोआब में बसे गांवों के लोग भी मतदान केंद्रों पर पहुंचे। सेवरही ब्लॉक के सुमही बुजुर्ग उर्फ मेहदिया गांव के प्राथमिक विद्यालय में बने बूथ का रैंप टूटा पड़ा था।
वहां बदइंतजामी का हाल यह था कि मतदान करा रहे कार्मिकों को दोपहर तक भूखे रहना पड़ा। निर्देश के बावजूद वहां पोलिंग पार्टियों के लिए भोजन का इंतजाम नहीं कराया गया था। यहां तक कि उस मतदान केंद्र का हैंडपंप भी खराब था। मतदाता भी प्यास से बेचैन थे। गांव के पूर्व प्रधान समशुुल हक का कहना था कि यह इंतजाम कराना ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी होती है। तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार नवरात्र का पहला दिन होने के कारण सुबह मतदान केंद्रों पर भीड़ कम रही, लेकिन धीरे-धीरे कतान लंबी होती गई। जोगनी के प्राथमिक विद्यालय को मतदान केंद्र बनाया गया था, लेकिन उसके परिसर में जलभराव के कारण मतदाताओं को काफी परेशानी हुई।
नरवाजोत, भंगी टोला, शिव टोला के आधे मतदाताओं को जोगनी में तो आधे लोगों को तवकल टोले में मतदान करना पड़ा, जिसकी दूरी उनके गांव से लगभग दो किलोमीटर थी। महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों को इससे ज्यादा परेशानी हुई। गांव के लोगों का कहना था कि बीच में बूटन टोले का प्राथमिक विद्यालय था। लेकिन वहां केंद्र नहीं बनाया गया।
फाजिलनगर प्रतिनिधि के अनुसार फाजिलनगर और पटहेरवा प्रतिनिधि के अनुसार चार जिला पंचायत और 111 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए सुबह सात बजे से ही मतदान शुरू हो गया। गड़हिया के बूथ नंबर-52 एवं 53 पर आए कई मतदाता सूची में नाम नहीं होने की वजह से मतदान करने से वंचित कर दिए गए। मतदान देने से वंचित अदालत शाह, प्रदीप कुशवाहा, साहबजादा, पपलू आदि का कहना था कि बीएलओ ने जान बूझकर उनका नाम काट दिया है। जबकि पिछले विधानसभा, लोकसभा और 2010 के पंचायत चुनाव में उन्होंने मतदान किया था। डीएम लोकेश एम और एसपी अतुल शर्मा ने सठियांव, अशोगवा, बेलवा आदि गांव के बूथों पर मतदान का जायजा लिया। अतिसंवेदनशील बूथों पर प्रशासन ने वीडियोग्राफी कराई।
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार पगरा पडरी के बूथ नंबर-154 पर रैंप नहीं बना था। वोट देने पहुंचीं 90 वर्षीया गुन्नी ठाकुर को गोद में उठाकर बूथ पर ले जाना पड़ा। वहां विकलांग और वृद्ध मतदाताओं को ज्यादा परेशानी हुई। कोटवा टीकमपार में मतदान करने पहुंचे कम उम्र के मतदाता को लेकर सेक्टर मजिस्ट्रेट और चुनाव अभिकर्ता में नोंकझोंक हो गई। मीरबिहार के बूथ पर एक अभिकर्ता को अभद्र शब्दों का प्रयोग करते कैमरे में देख पुलिसकर्मियों ने शांत किया।
डिबनी बंजरवा में फर्जी मतदान को लेकर हो-हल्ला हुआ, जिस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। सेवरही ब्लॉक के हरिहरपुर में एक बुजुर्ग महिला के कहने पर मतदानकर्मी उसकी मदद के लिए चला गया। उसी दरमियान खिड़की से झांक रहे एक व्यक्ति ने फर्जी मतदान करने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया।
स्थिति नियंत्रण से बाहर होते देख पीठासीन अधिकारी को पुलिस की मदद लेनी पड़ी। पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को तितर-बितर किया। चार बार पुलिस ने लोगों को गांव तक खदेड़ा। लोगों के मुताबिक भगदड़ में कई महिलाएं भी घायल हो गईं। डीएम, एसपी, एडीएम सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
इस संबंध में सीओ तमकुहीराज श्रीशचंद्र का कहना था कि चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनके विरुद्ध केस दर्ज हुआ है। खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के पकड़ी बृजलाल गांव के बूथ संख्या आठ पर गलत मतपत्रों का प्रयोग होने की बात उजागर होने पर मतदान निरस्त कर दिया गया। मंगलवार को वहां पुनर्मतदान हुआ। 955 में से 685 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
एक व्यक्ति बिना किसी पहचान पत्र के मतदान की कोशिश करने लगा, लेकिन मतदाता सूची में भी उसका नाम नहीं होने की वजह से मतदानकर्मी ऐतराज करने लगे। उस व्यक्ति का घर भी दूसरे गांव में है। इसे लेकर तनातनी शुरू हो गई। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने सख्ती अपनाते हुए उसे मतदान करने से रोका।
कप्तानगंज प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के देवकली उर्फ चकिया गांव के बूथ नंबर-116 पर नौ अक्टूबर को मतपेटिकाएं बदल जाने की वजह से मतदान निरस्त हो गया था। मंगलवार को वहां भी पुनर्मतदान कराया गया। वहां 870 में से 491 मत पड़े।