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Kushinagar News: फर्जी वेबसाइट की मदद से बनाए गए थे रोहिंग्या के प्रमाणपत्र

Sun, 04 Aug 2024 04:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कुशीनगर। रायबरेली के सलोन में रोहिंग्या के फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने के मामले में पुलिस ने तरयासुजान से गिरफ्तार संजीव को रायबरेली से जेल भेज दिया है। पूछताछ में पता चला है कि संजीव सहित गिरफ्तार छह लोग फर्जी वेबसाइट का सहारा लेकर प्रमाणपत्र बनाते थे, वहीं अलग-अलग जिलों के होने के बावजूद इनका नेटवर्क डिजिटल तौर पर काफी मजबूत एवं सक्रिय था, जिससे ये आसानी से प्रमाणपत्र को एरिया के अनुसार बनाकर बांट देते थे। वहीं स्वास्थ्य विभाग के डाटा एंट्री ऑपरेटर से एटीएस की पूछताछ जारी है।
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यूपी एटीएस की गोरखपुर फील्ड यूनिट ने बृहस्पतिवार की देर शाम जिले के तरयासुजान के भावपुर में छापेमारी कर सीएसपी संचालक संजीव सिंह को पकड़ा था। संजीव से पूछताछ के बाद विशुनुपुरा सीएचसी पर संविदा पर तैनात डाटा एंट्री ऑपरेटर सतीश सोनी को हिरासत में लिया था। गोरखपुर में प्रारंभिक पूछताछ के बाद एटीएस मुख्यालय लखनऊ ले जाया गया। शुक्रवार की शाम कड़ी सुरक्षा में अन्य जिलों से गिरफ्तार आरोपियों के साथ संजीव को रायबरेली पुलिस के सामने पेश किया गया। जहां छह आरोपियों के साथ संजीव से रायबरेली पुलिस ने पूछताछ की।
पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के लिए ये लोग फर्जी वेबसाइट की भी मदद लेते थे और बार कोड के सहारे रुपये भेजे जाते थे। डाटा अपलोड कर प्रमाणपत्र बना देते थे। इससे आधार कार्ड के डाटा को भी बदलने में सक्षम हो जाते थे। संजीव सहित गिरफ्तार कुल छह आरोपियों को शनिवार को रायबरेली पुलिस ने जेल भेज दिया। इसके पहले इस फर्जीवाड़े में सीएससी संचालक जीशान, वीडीओ विजय यादव समेत चार लोगों को पुलिस जेल भेज चुकी है।
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दूर होने के वावजूद मजबूत था कनेक्शन...व्हाट्सएप ग्रुप के सहारे फर्जीवाड़े को देते थे अंजाम

रायबरेली के एसपी अभिषेक अग्रवाल ने शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपी जेल में बंद वीडीओ की आईडी से फर्जी प्रमाणपत्र बनाते थे साथ ही उसकी आईडी कई साइट पर खोली जाती थी। वहीं इन लोगों ने एक व्हाटसएप ग्रुप बना रखा था, जिसके जरिये फर्जी प्रमाणपत्र की डीलिंग होती थी। इस ग्रुप में फर्जीवाड़े से जुड़े लोग शामिल थे। पूरे ग्रुप की गतिविधियों की जांच की जा रही है। आरोपी आधार कार्ड तक में भी संशोधन करते थे। इसके चलते इसकी और गहन पड़ताल की जा रही है।
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कुशीनगर और अन्य जगहों पर गिरफ्तारी हुई है। इन जगहों पर विवेचना जारी है। इन आरोपियों में और किस तरह का कनेक्शन है इसकी जांच की जा रही है। पकड़े गए आरोपी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और दिलाने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र बनाते थे। इनके रोहिंग्या और बांग्लादेशी कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है। सभी आरोपियों से अब यूपी एटीएस भी पूछताछ करेगी।
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- अभिषेक अग्रवाल, एसपी, रायबरेली
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