प्रक्षेपण के लिए तैयारा रॉकेट। स्रोत-सोशल मीडिया
तमकुहीरोड। क्षेत्र के रकबा जंगलीपट्टी गांव में गंडक नदी के किनारे होने वाली मॉडल राकेट्री कैनसेट इंडिया छात्र प्रतियोगिता की तैयारी तेज हो गई है। प्रतियोगिता का आयोजन 27 से 30 अक्तूबर तक होगा। शुक्रवार को वैज्ञानिकों की मौजूदगी में राॅकेट का ट्रायल किया गया। सुबह 11:15 बजे आसमान में राकेट छोड़ा गया। यह 884 मीटर की ऊंचाई तक उड़ा। इसका कैनसेट सेटेलाइट प्रक्षेपण स्थल से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर गिरा। इस तरह राॅकेट लांचिंग का ट्रायल सफल रहा।
देवरिया सांसद शशांक मणि त्रिपाठी के प्रयास से रकबा जंगलीपट्टी में चार दिवसीय मॉडल राकेट्री कैनसेट इंडिया छात्र प्रतियोगिता-2025 का आयोजन किया जा रहा है। इसमें इसरो, इन-स्पेस और ट्रस्ट टेक इंडिया की भागीदारी है। इसमें देश के विभिन्न संस्थानों से 700 छात्र-छात्राएं और 150 वरिष्ठ वैज्ञानिक शामिल होंगे। प्रतियोगिता के दौरान 50 से 70 कैनसेट राॅकेट लांच किए जाएंगे। आयोजन के लिए जिला व तहसील प्रशासन और जागृति मिशन की तरफ से तैयारियां चल रही हैं। लांचिंग पैड के साथ दर्शक दीर्घा तैयार किया जा चुका है।
शुक्रवार को एक कैनसेट राॅकेट का ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। राॅकेट का प्रक्षेपण सुबह 11:15 बजे हुआ। इसके बाद उसकी उल्टी गिनती शुरू की गई। 10, नौ, आठ की गिनती जैसे ही एक पर पहुंची राकेट धुएं का गुबार छोड़ता हुआ 884 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचा। इसका कैनसेट सेटेलाइट प्रक्षेपण स्थल से डेढ़ किलोमीटर दूर गंडक नदी के किनारे मिला। रॉकेट लांचिंग का ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न होने पर टीम के सभी लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी। इस दौरान इन-स्पेस के डिप्टी डायरेक्टर बृजेश सोनी, जागृति मिशन टीम के अभिषेक कुमार आदि मौजूद रहे।