क्षेत्र के पचार गांव के सामने रजवाहा टूटने से किसानों की सैकड़ों एकड़ गेहूं और तिलहन की फसल जलमग्न होने से बर्बाद हो रही है। अपनी फसल बर्बाद होते देख किसानों में सिंचाई विभाग के प्रति काफी नाराजगी है। प्रभावित किसानों ने बर्बाद फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि रजवाहा में आवश्यकता से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण नहर टूटी है।
कप्तानगंज राजवाहा पचार गांव से होकर गुजरता है। फसलों की सिंचाई के लिए इसमें से माइनर निकली है। यह रजवाहा चार दिन पहले ही टूट गया। नहर में पानी भरा होने के कारण नहर के दोनों तरफ स्थित सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं। उन खेतों में बोई गई गेहूं और तिलहन की फसल पानी में डूबने के कारण बर्बाद हो रही है।
पचार के ग्राम प्रधान विजय बहादुर सिंह, सुखनंदन, चंद्रभान, भरोसा पांडेय, रामहजूर प्रसाद, प्रदीप, कम्मल, देउरवा के रामपारस सिंह, गुड्डू उपाध्याय, अशोक उपाध्याय, दिग्विजय शर्मा, राजदेव उपाध्याय, रामनाथ, चंडी उपाध्याय समेत हेवती टोला और यादव टोला सहित कई गांवों के किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। इन लोगों का कहना है कि विभाग की ओर से नहर में अधिक पानी छोड़ने से वह टूटी है। जब से नहर की खुदाई हुई है, इतना पानी कभी नहीं छोड़ा गया। अधिक पानी से ही नहर टूटी है। इन सभी लोगों ने विभाग से हुए नुकसान का मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
इस संबंध में सिचाई खंड द्वितीय के एक्सईएन पंकज सिंह का कहना है कि नहर की मरम्मत हो रही है। विभाग की तरफ से मुआवजा देने की कोई व्यवस्था नहीं है।