तमकुहीरोड। बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में कमी होने के बाद भी एपी तटबंध पर कटान का खतरा बरकरार है। शुक्रवार की देर शाम जवही दयाल में अचानक बैकरोलिंग कर नदी ने कटान शुरू कर दी। सूचना मिलते ही बाढ़ खंड के अभियंता मौके पर पहुंच गए और बोल्डर की डंपिंग करा बचाव कार्य को शुरू कर दिया। आधी रात तक बचाव कार्य चलने के बाद अभियंताओं ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया। गांव वालों का कहना था कि यदि रात में बचाव कार्य नहीं कराया गया होता तो बांध पर खतरा हो सकता था।
कटान की सूचना मिलने के बाद बंधे की निगरानी में जुटे एसडीओ रमेश यादव, प्रभारी राजस्व निरीक्षक जयंत कुमार, ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल, जेई चंद्रप्रकाश, रमेशधर दुबे, सुनील कुमार यादव, विनोद शर्मा, रामचंद्र प्रसाद, बृजमोहन कुशवाहा आदि मौके पर पहुंच गए और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बोल्डर से बचाव कार्य शुरू करा दिया। इसके पहले नदी ने नरवाजोत व विरवट कोन्हवलिया को निशाने पर ले लिया था। किमी 1.700 के अप एंड डाउन स्ट्रीम में काफी क्षति हुई थी।इसके बाद विरवट कोन्हवलिया में एपी बांध के कट इन वन से कट इन टू और ठोकर नंबर चार को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। इससे सैकड़ों एकड़ धान व गन्ने की फसलें बर्बाद हो गईं थीं। इस संबंध में एसडीओ रमेश यादव ने बताया कि बचाव कार्य कराकर स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया है। बंधे की लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल कहीं कोई दिक्कत नहीं है।