एपी बांध के जवही दयाल में रिवेटमेंट का कार्य पुरा कराने मे जुटा बाढ़ खंड विभाग।संवाद
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तमकुहीरोड। गंडक नदी के जलस्तर में वृदि्ध से एपी बांध व नरवाजोत बांध के किनारे बसे गांवों के लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। बांध पर पानी का दबाव बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। स्लोप और पैच का कार्य अधूरा है। कई स्थानों पर नदी बांध के करीब पहुंच गई है।
बाढ़ खंड विभाग के जिम्मेदारी अधूरी परियोजनाओं का कार्य पूरा कराने में जुटे हैं। लोगों का कहना है कि अभी गंडक नदी का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक से कम है। यदि डिस्चार्ज दो तीन लाख क्यूसेक से अधिक मुआ तो जर्जर तटबंधों की स्थिति भयावह हो सकती है।
नेपाल की पहाड़ियों पर रुक रुक बारिश होने से वाल्मीकि नगर बैराज से अब गंडक नदी में लगातार पानी छोड़े जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को दस बजे डिस्चार्ज 92 हजार 900 क्यूसेक था तो शुक्रवार को यह डिस्चार्ज 80 हजार क्यूसेक हो गया। डिस्चार्ज में वृद्धि की संभावना बनी हुई है।
बृहस्पतिवार से गंडक नदी में पानी के उतार चढ़ाव से अब तीनों परियोजना कार्य स्थल बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। दहारी टोला, भंगी टोला, तवकल टोला, जवही दयाल, कट इन वन से कट इन टू तक, विरवट कोन्हवलिया, नोनिया पट्टी, कचहरी टोला व डीह टोला में नदी बांध के सटकर बहने लगी है। क्षेत्र पप्पू सिंह, कृष्णा निषाद, मनोज गुप्ता, बृजकिशोर साहनी, रंजन कुशवाहा आदि का कहना है कि बंधे की हालत काफी जर्जर है। बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि कार्य पूरा कराने के साथ पानी के डिस्चार्ज और सभी संवेदनशील जगहों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। किसी भी खतरे से निपटने की तैयारी भी की जा रही है।