पडरौना। राज दरबार पडराैना से जुड़ी रानी रेवती और शरद कुमारी देवी की जमीन अभिलेखों में हेराफेरी कर बेचने का मामला तूल पकड़ने लगा है। जिला प्रशासन की ओर से इसकी गोपनीय तरीके से जांच कराई जा रही है। इसमें कई सफेदपोश के अलावा राजस्वकर्मियों का नाम प्रकाश में आया है। शरद कुमारी देवी की पडरौना शहर की जमीन भू माफियाओं ने राजस्व अभिलेखों में कूटरचना कर बेच दिया है।
इस मामले में शरद कुमारी देवी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने नौ जालसाजों पर प्राथमिकी दर्ज की है। मध्य प्रदेश के जबलपुर में रह रही शरद कुमारी देवी का बयान दर्ज करने के बाद पुलिस की विवेचना तेज हो गई है। वहीं आरोपी घर छोड़कर फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। पडरौना शहर के कुछ हिस्से में बसी कालोेनियों के अस्तित्व पर संकट गहराता जा रहा है। शरद कुमारी देवी की जमीन राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर भू माफियाओं ने बेच दिया है। इसका मामला हाईकोर्ट में भी लंबित है। इसके अलावा खड्डा तहसील क्षेत्र में रानी रेवती की जमीन भी इसी तर्ज पर भू माफियाओं ने बेचा है और कुछ नाम दर्ज करा लिए हैं। इसमें कुछ राजस्वकर्मियों की संलिप्तता भी मिली है।
स्वर्गीय रानी रेवती देवी से जुड़े मामलों में 28 जनवरी को सुनवाई होगी। कोतवाल हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि शरद कुमारी देवी चलने में आने में असमर्थ हैं, इसलिए विवेचक बयान दर्ज करने गए थे। अब फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दिया जा रहा है। सीओ डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि विवेचना चल रही है। राजस्व टीम का भी बयान दर्ज किया जाएगा।