पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार को डीएम की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण समिति एवं जिला गंगा समिति की बैठक हुई। इसमें 2024 पौधरोपण से संबंधित विभागों के आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष चयनित स्थलों के संबंध में चर्चा की गई। डीएम ने कहा कि पौधरोपण से अधिक महत्वपूर्ण उसकी सुरक्षा है। इसलिए अधिकारियों को विभागों की तरफ से लगाए गए पौधों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
डीएम उमेश मिश्र ने कहा कि ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी भूमि, मेडिकल काॅलेज, महाविद्यालय, नई सड़कों की पटरी, ताल आदि की जमीन पर पौधरोपण की वरीयता दें। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में पूर्वजों की स्मृति में बालिका वन, नंदन वन, ग्राम वन, लवकुश वन, सीता वन आदि नाम से पौधे लगवाएं। पौधरोपण के दौरान फलदार, छायादार जैसे पीपल, बरगद, बेल, पाकड़, अमरूद आदि प्रजाति के पौधे लगाने चाहिए। उन्होंने पौधरोपण के लिए बड़े प्लाट चिह्नित कर उसकी घेराबंदी व पानी आदि की व्यवस्था करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। डीएम ने मेडिकल कॉलेज परिसर में पौधरोपण के लिए कॉलेज के प्राचार्य, तमकुहीराज के रजवटिया में पौधरोपण के लिए जरूरी इंतजाम कराने के लिए तमकुहीराज एसडीएम और पौधे की उपलब्धता के संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देश दिया। इस दौरान सीडीओ गुंजन द्विवेदी, एडीएम वैभव मिश्र, सदर एसडीएम व्यास नारायण उमराव आदि मौजूद रहे।