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Kushinagar News: मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड जांच के भरोसे इलाज कठिन

Wed, 17 Jun 2026 01:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए दरवाजे तक भीड़ लगाए मरीज।संवाद
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पडरौना। मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आ रहे मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। मेडिकल कॉलेज की अल्ट्रासाउंड जांच के भरोसे इलाज में कठिनाई हो रही है। डॉक्टर पर्चे पर अल्ट्रासाउंड जांच कराने का परामर्श दे रहे हैं, लेकिन एक रेडियोलाॅजिस्ट होने से जांच में मुश्किलें हो रही हैं। प्रतिदिन 50 से अधिक अल्ट्रासाउंड जांच नहीं की जा रही हैं। इसके बाद आने वाले मरीजों को अगले दिन की तारीख दी जा रही है।
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मेडिकल कॉलेज में सुबह से ही पंजीकरण काउंटर और ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। गंभीर रूप से बीमार, गर्भवती महिलाओं और पेट की समस्याओं से पीड़ित मरीजों को डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की सलाह देते हैं, तो उनकी परेशानी शुरू हो जाती है। 50 का कोटा तय होने से दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आए मरीज व तीमारदार यह कहकर लौटा दिए जाते हैं कि आज का कोटा पूरा हो गया है। अगली तारीख पर आना पड़ेगा।
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निजी सेंटरों में जांच कराना मजबूरी
मेडिकल कॉलेज में जिन मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो पाती है, उनके सामने मजबूरी है कि वे निजी सेंटरों पर जांच कराएं। इसके चलते मरीजों को अधिक रकम खर्च करनी पड़ती है। जिन मरीजों के पास पैसे नहीं होते वे अगली तारीख पर दोबारा किराया खर्च कर आने के लिए मजबूर हैं। इससे अव्यवस्था से डाक्टरों को भी मरीजों का उपचार करने में परेशानी हो रही है।
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मरीज बोले-
सुबह 7:0 बजे घर से निकली थी ताकि जल्दी जांच हो जाए। यहां आने पर पता चला कि आज का कोटा पूरा हो गया है। अब डॉक्टर कह रहे हैं कि बिना अल्ट्रासाउंड जांच रिपोर्ट के आगे की दवा नहीं लिखी जा सकती। बाहर जांच कराने के लिए पैसे नहीं हैं, समझ नहीं आ रहा क्या करें। -अंगिरा, रामकोला
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सुबह आठ बजे पहुंच गई थी। काउंटर पर उपचार के लिए पर्ची बनवाई। ओपीडी में डाॅक्टर ने पेट की अल्ट्रासाउंड जांच कराने की सलाह दी। जांच कराने पहुंची तो पहले से ही लाइन लगी हुई थी। करीब तीन घंटे से इंतजार कर रही हूं। नंबर नहीं आया है, आज जांच होने की उम्मीद नहीं है। -रानी, फाजिलनगर
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कोट:-
- एक रेडियोलाॅजिस्ट होने से मरीजों की भीड़ अधिक होने से समस्याए बढ़ रही हैं। इससे विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है। इमरजेंसी में वाले मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. दिलीप जायसवाल, सीएमएस मेडिकल कॉलेज कुशीनगर
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