दूसरी शादी के बाद बढ़ा संपत्ति और भरण-पोषण का चल रहा था विवाद
जुलाई माह में छह कट्ठा जमीन बेचने के बाद पहली पत्नी मांग रही थी हक
सुबह अपने हिस्से की जमीन पर मेड़ बांधने पहुंची खेत में तो हुई खूनी संघर्ष
दुर्गा शंकर मिश्र/नवीन पांडेय
पिपरा बाजार/मंसाछापर। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के जंगल जगदीशपुर गांव के मदरहवा टोला निवासी ओमप्रकाश राजभर और उसकी पहली पत्नी से वर्षों से चल रहा संपत्ति का विवाद शनिवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। पत्नी और बेटे के द्वारा ही हत्या का मामला सामने आने के बाद से लोग स्तब्ध हैं।
जानकारी के अनुसार, जुलाई 2026 में छह कट्ठा जमीन बेचने के बाद से ओमप्रकाश का पहली पत्नी उर्मिला से विवाद बढ़ गया और वह पुश्तैनी जमीन में हिस्सा मांगने लगी। सुबह अपनी बेटी, बेटा और बहन के साथ खेत में मेड़ बांधने पहुंची थी।
यह जानकारी मिलते ही ओमप्रकाश भी मौके पर पहुंच गया और विवाद के बाद पत्नी व बेटे ने वारदात को अंजाम दे दिया। इतना नहीं आरोपियों ने ओमप्रकाश की दूसरी पत्नी के सिर व चेहरे पर बीस जगह धारदार हथियार से वार कर गंभीर रूप से आरोपियों ने जख्मी किया है। इस घटना के बाद दोनों पत्नी का सुहाग पल में उजड़ गया और परिवार बिखर गया। घटनास्थल पर एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, सीओ सदर राकेश प्रताप सिंह पहुंचकर निरीक्षण किया।
जगदीशपुर गांव के मदरहवा टोला निवासी ओमप्रकाश के सिर से पिता का साया तीन महीने की उम्र में उठ गया था। मां ने मेहनत-मजदूरी कर इकलौते बेटे को पाला। ओमप्रकाश तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसकी पहली शादी करीब 30 वर्ष पहले उर्मिला से हुई थी। दोनों के बच्चे हैं। वर्ष 2012 में ओमप्रकाश ने बिहार निवासी नित्या से दूसरी शादी कर ली। इसके बाद संपत्ति के बंटवारे और भरण-पोषण को लेकर पहली पत्नी से विवाद बढ़ने लगा।
ओमप्रकाश की मां मंगरी देवी ने बताया कि ओमप्रकाश और उर्मिला के बीच तनाव बढ़ता जा रहा था। इससे बचने के लिए ओमप्रकाश ने गांव का पुराना कच्चा मकान पहली पत्नी और उसके बच्चों को दे दिया। वह दूसरी पत्नी, बच्चों और मां के साथ गांव से बाहर बने दूसरे मकान में रहने लगा। गांव के लोगों ने बताया कि दोनों के बीच आमना-सामना न हो, इसके लिए ओमप्रकाश रास्ता बदल देता था। ओमप्रकाश के पास पैतृक संपत्ति के रूप में करीब तीन बीघा जमीन थी।
पहली पत्नी उर्मिला ने भरण-पोषण और संपत्ति के बंटवारे को लेकर न्यायालय में मुकदमा किया था। पंचायत के बाद उर्मिला को जीविकोपार्जन के लिए चार कट्ठा जमीन पति ने दिया था लेकिन विवाद नहीं सुलझा था। करीब सात वर्षों से कोर्ट में मुकदमा चल रहा था। उर्मिला खेत पर मेड़ बांधने गई थी। यह जानकारी मिलते ही ओमप्रकाश दूसरी पत्नी और बेटे के साथ खेत पर गया। उर्मिला खेत में अपना हिस्सा बताते हुए मेड़ बांधने लगी। ओमप्रकाश ने विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। इसी दौरान धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। दूसरी पत्नी गंभीर रूप से घायल है। मंगरी देवी की तहरीर पर ओमप्रकाश की पहली पत्नी उर्मिला देवी, बेटा अजीत कुमार, बेटी गुंजा, काजल, बहन सीमा पर पुलिस ने हत्या समेत कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर लिया है।
शुक्रवार को भी हुआ था विवाद
परिजन ने बताया कि पहली पत्नी से विवाद गहराने के बाद ओमप्रकाश की तबीयत बिगड़ने लगी थी। वह शुगर, पथरी और अन्य बीमारियों से परेशान था। इलाज के लिए उसे गोरखपुर जाना पड़ता था। बीमारी के कारण मजदूरी करना मुश्किल हो गया था। मुकदमा और इलाज का खर्च जुटाने के लिए उसने अपनी जमीन का कुछ हिस्सा बेच दिया। इसके बाद जमीन की बिक्री से मिली रकम में हिस्सेदारी को लेकर भी विवाद बढ़ने की बात कही जा रही है। शुक्रवार की शाम को भी दोनों के बीच बंटवारे को लेकर विवाद था लेकिन गांव वालों के हस्तक्षेप के बाद शांत हो गया था।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
वारदात की सूचना पर नेबुआ नौरंगिया के प्रभारी निरीक्षक संजय दुबे और पडरौना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश तिवारी पुलिस टीम और फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए और आवश्यक नमूने लिए। उर्मिला की तीन बेटी हैं, इसमें बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। नेबुआ नौरंगिया थाने पर कई बार इसको लेकर पंचायत हुई थी लेकिन न्यायालय में मामला होने के कारण विवाद सुलझ नहीं रहा था।