पडरौना (कुशीनगर )। स्पीड ब्रेकर हटाने का निर्देश वर्ष 2022 के जून माह में प्रदेश सरकार ने जारी किया था। पडरौना नगर से कसया रोड पर बने करीब 15 से अधिक स्पीड ब्रेकर अभी तक नहीं हटे हैं। इससे लोगों को आवागमन करने में दिक्कत होती है। एडीएम देवी दयाल वर्मा ने बताया कि नेशनल हाईवे और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को मानक विहीन स्पीड ब्रेकर हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसकी जांच करके आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गत वर्ष जून में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों में बने कमरतोड़ ब्रेकर हटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन कुशीनगर जिले में इसका पालन नहीं हुआ। पडरौना नगर से कसया के बीच नेशनल हाईवे पर मानक के विपरीत बने 15 से अधिक स्पीड ब्रेेकर अभी तक नहीं हटे हैं। छावनी, रविंद्र नगर, जानकीनगर, बाड़ी पुल सहित अन्य जगहों पर बने स्पीड ब्रेकर से वाहनों में सवार लोगों को झटके लगते हैं। इसके अलावा मंसा छापर, दुदही, जटहां रोड, खड्डा सहित कई जगहों पर स्पीड ब्रेकर से लोगों को काफी दिक्कत होती है।
0000
लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता गिरजेश कुमार के अनुसार इसके मानक तय होते हैं। स्पीड ब्रेकर की ऊंचाई 10 सेंटीमीटर, लंबाई 3.5 मीटर व वृत्ताकार रेडियस 17 सेंटीमीटर होनी चाहिए। इसका उद्देश्य वाहनों की स्पीड 20 से 25 किलोमीटर पर करना है। इस पर थर्मो प्लॉस्टिक पेंट की पट्टियां होनी चाहिए, जिससे यह रात में दूर से नजर आएं। वाहन चालकों को सजग करने के लिए 40 मीटर पहले चेतावनी बोर्ड लगा होना चाहिए।
0000
जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएच खान ने बताया कि ब्रेकर पर झटका लगने से गरदन और रीढ़ की हड्डी में दिक्कत आती है। कई बार यह समस्या लंबे समय तक परेशान करती है। मानका पालन नहीं होने से ब्रेकर का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है।
0000
शासन के निर्देश पर स्पीड ब्रेकर हटवाने के निर्देश दिए गए थे। इस संबंध में नेशनल हाइवे और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। मानक अनुसार ही स्पीड ब्रेकर रहेंगे, जिससे लोगों को आवागमन में असुविधा न हो।
देवी दयाल वर्मा, एडीएम
0000