-भोले की भक्ति में डूबेंगे श्रद्धालु, सुरक्षा के रहेंगे कड़े प्रबंध
-प्रमुख शिव मंदिरों में शुक्रवार को दिन भर चलती रहीं तैयारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। महाशिवरात्रि का पर्व शनिवार को श्रद्धाभाव से मनाया जाएगा। शिवालयों में हर-हर महादेव की गूंज दिन भर सुनाई देगी। शिव की उपासना के लिए शुक्रवार को प्रमुख मंदिरों में तैयारी चलती रही। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रसिद्ध कुबेरस्थान मंदिर के आसपास रूट डायवर्जन किया गया है।
इस मंदिर के रास्ते पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। क्षेत्र के अन्हारी बारी चौराहा, राजकुमार इंटर कॉलेज के पास अमवा गेट,पिपरा मोड़ तथा तुर्कपट्टी मार्ग पर परसौनी मार्ग पर बैरियर लगाए गए हैं। अन्हारी बारी चौराहा से नहर के रास्ते रूट डायवर्ट करके अमवा होते हुए तुर्कपट्टी कसया मार्ग पर भेजा जाएगा। मेले में पुलिस के अलावा पीएसी और अग्निशमन विभाग का दस्ता तैनात किया गया है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।
उधर, पडरौना नगर के शिवाला मंदिर, दरबार स्थित शिवमंदिर, बुढि़या माई मंदिर, भूतनाथ कॉलोनी स्थित शिवमंदिर, छावनी के भन्नूनाथ शिवमंदिर, करहिया धाम, बाबा सिद्धनाथ स्थान, बालखंडी स्थान, पिजावा स्थान आदि जगहों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। इसलिए यहां मंदिर व्यवस्थापक तैयारियों में जुटे रहे। एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि किसी तरह की गड़बड़ी करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी।
कुबेरनाथ: धन के देवता का एक मात्र साधनास्थल
कुबेरस्थान प्रतिनिधि के अनुसार, श्री शिव शक्ति मंदिर कुबेरनाथ धाम धन के देवता कुबेर का एक मात्र साधनास्थल है। यहां पर कुशीनगर के अलावा यूपी, बिहार और नेपाल के श्रद्धालु पहुंचते हैं। मठाधीश्वर राजकुमार गिरी ने बताया कि भगवान श्री कुबेरनाथ के दर्शन के लिए लोग आते हैं। मान्यता है कि भगवान कुबेर सबकी मनोकामना पूरी करते हैं।
उज्ज्वल नाथ: चार भुजाओं वाली पार्वती का दुर्लभ मंदिर
उजारनाथ प्रतिनिधि के अनुसार, पटहेरवा तुर्कपट्टी मार्ग पर करमैनी से उत्तर दो किमी पर स्थिति उजारनाथ में भगवान शिव, उज्ज्वलनाथ व पालनाथ के रूप में विराजमान हैं । यहां दुर्लभ चार भुजाओं वाली पार्वती का मंदिर उज्ज्वल नाथ है, जिसका नाम ही अपभ्रंश होकर उजारनाथ हो गया। मान्यता है कि उज्ज्वलनाथ व पालनाथ अपने भक्तों की मुरादें पूरी करते हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां मेले का आयोजन होता है।
आकर्षक ढंग से सजाए गए मंदिर
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार, सेवहरी क्षेत्र के शिव मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। क्षेत्र में बाबा पंचेश्वरनाथ शिव मंदिर शिवाघाट, बाबा विंदेश्वरीदास शिव मंदिर बेलवारी पट्टी, शिवकर्मा शिव मंदिर, लोहा मंडी, श्रीराम जानकी मंदिर पुरानी पुलिस चौकी चौराहा, महादेव मंदिर गल्ला मंडी, शिव मंदिर राजेंद्र नगर में तैयारी चलती रही। तमकुहीराज मुख्य बाजार के शिव मंदिर से शिव झांकी निकाली जाएगी। इसी तरह परसौनी स्थित सियरहा शिव मंदिर, पथरवा स्थित बऊरहवा महादेव मंदिर, लतवा बाजार स्थित शिव मंदिर, श्यामपट्टी स्थित दु:खभजन महादेव मंदिर, सलेमगढ़ स्थित शिव मंदिर, शिव सरैया स्थित शिव मंदिर में रात तक तैयारियां चलती रहीं।
निकलेगी शिव बरात
दुदही प्रतिनिधि के अनुसार, शिव पार्वती मंदिर छठ घाट गोला बाजार में शुक्रवार रात तक चलती रही। सुबह छह बजे जलाभिषेक के बाद दोपहर एक बजे शिव बरात मंदिर प्रांगण से निकलकर पूरे बाजार में भ्रमण करेगी। रात आठ बजे मंदिर प्रांगण में जागरण एवं झांकी का कार्यक्रम होगा। इसमें लखनऊ, देवरिया और कुशीनगर के कलाकार शामिल होंगे।
शिव-पार्वती विवाह के उपलक्ष्य में मनाते हैं पर्व
पंडित डॉ. नागेंद्रनाथ द्विवेदी ने बताया कि इसी दिन भगवान शिव का विवाह पार्वती संग हुआ था। इसी उपलक्ष्य में हर वर्ष यह पर्व श्रद्धाभाव से मनाते हैं। इस दिन पवित्र स्नान के साथ बेलपत्र, दूध, दही, शहद,गन्ने का रस, भांग,धतूरा आदि से शिव पार्वती की पूजा अर्चना और रुद्राभिषेक करने से जीवन के सारे संताप मिट जाते हैं। सुख समृद्धि आती है।