दुष्कर्म के बाद युवती की हत्या के आरोप में तीन पर केस
खड्डा। हनुमानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में पांच दिन पूर्व युवती से दुष्कर्म व हत्या के मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को मुकदमा दर्ज कर लिया। युवती के पिता की तहरीर पर हत्या और दुष्कर्म के आरोप में एक युवक समेत तीन लोगों पर कार्रवाई की गई है।
हनुमानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार को सुबह गन्ने के खेत में गांव की 19 वर्षीय युवती का शव मिला था। लोगों ने उसके चेहरे व शरीर पर कई जगह चोट व खून के निशान देखे थे। हत्या की चर्चा हुई थी, लेकिन पुलिस को भनक नहीं लगी। इसी बीच गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने शव को एक नाले के किनारे ले जाकर जलवा दिया। शव जलने के बाद पुलिस पहुंची, लेकिन बिना किसी कार्रवाई के लौट गई।
इस संबंध में एसएचओ संतोष यादव ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर दीपू सहित अन्य लोगों पर हत्या, दुष्कर्म आदि धारा में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
पिता व भाई ने बताई दिल दहला देने वाली घटना
शनिवार की सुबह युवती घर से चारा लाने की बात कहकर निकली थी। घर पर मौजूद मां को कुछ संदेह हुआ तो कुछ देर बाद वह अपने केले के खेत में पहुंची। वहां गांव का एक युवक व युवती आपत्तिजनक हाल में थे। उसने शोर मचाया तो युवक भाग गया। यह बात सार्वजनिक होने व लोक लाज के चलते युवती अपने घर से निकल गई और शनिवार को ही युवक के घर पहुंचकर पत्नी का अधिकार मांगने लगी। यह बात लड़के व उसके घरवालों को मंजूर नहीं थी। पिता के मुताबिक, आरोपी युवक व उसका पिता तथा चाचा आदि ने युवती की हत्या कर दी व शव को गन्ने के खेत में फेंक दिया। मृतका के पिता ने जब पुलिस को जानकारी देनी चाही तो आरोपियों ने गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों के साथ मिलकर डराया-धमकाया तथा उल्टे फंस जाने की बात कहते हुए चुप करा दिया। रविवार लगभग ग्यारह बजे दिन में गांव के बाहर नाले के किनारे शव जला दिया।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
रविवार की सुबह लड़की का खून से सना शव गन्ने के खेत में मिला था। मामले को छिपाने के लिए मिर्गी से मरने सहित कई बातें कही गईं, लेकिन गांव का चौकीदार, बीट पुलिस अफसर, हलका दरोगा व थानेदार तक को भनक नहीं लगी। जैसे ही शव जल गया, पुलिस को जानकारी हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक, पुलिस पहुंची तो कार्रवाई के बजाय शव जलाकर साक्ष्य मिटाने में शामिल लोगों से बात कर लौट गई। इतना ही नहीं, मृतका का भाई बंगलुरु से मंगलवार को घर लौटा और पिता को थाने पहुंचकर तहरीर दिलाई। इसके बावजूद मुकदमा दर्ज करने में पुलिस ने तीन दिन लगा दिए।