जानकीनगर। रमजानुल मुबारक इस्लाम का दूसरा फर्ज अरकान है। रमजान में मुसलमानों के लिए रोजा फर्ज किए गए हैं। लोगाें को चाहिए कि इस के रोजे को बहुत अदबों एहतराम के साथ रखें। दुनिया कि खुराफात से बचें, क्योंकि यह बरकत वाला महीना है। रमजान लोगों के आपसी मतभेद को दिल से निकालता है।
ये बातें नरसर गांव के इमाम मौलाना मुबारक हुसैन निजामी ने कहीं। उन्होंने कहा कि अल्लाह ने इस महीने को तीन हिस्सों में बांट दिया है, पहला हिस्सा रहमत और दूसरा मगफिरत जो चल रहा है। लोगों को चाहिए कि जिस चीज की उम्मीद अल्लाह रब्बुल इज्जत से हम अपने लिए करते हैं, वही काम हम आम तौर पर दूसरों के लिए करें। अगर किसी ने हमारा हक मारा है, हमारे साथ नाजायज व्यवहार किया है, तो उन्हें अपनी जबान से या अपने अमल से कोई तकलीफ न पहुंचाएं।