नेबुआ नौरंगिया सीएचसी में हंगामा करते परिजन।
नेबुआ नौरंगिया। हरपुर मझार गांव के चौहान पट्टी टोला में शुक्रवार को मकान निर्माण के दौरान राजगीर मिस्त्री करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। लोग उन्हें नेबुआ नौरंगिया सीएचसी लेकर पहुंचे। डॉक्टर के मौजूद नहीं होने पर लोगों ने हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया। इसके बाद डॉक्टर पहुंचे और जांच के बाद राजगीर मिस्त्री को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
खड्डा थाना के भुजौली बुजुर्ग गांव निवासी 36 वर्षीय धर्मेंद्र चौहान राजगीर थे। शुक्रवार को वह नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के हरपुर गांव निवासी अपने बहनोई राजू के मकान का निर्माण कर रहे थे। सुबह करीब 9 बजे दीवार जोड़ने के लिए पैटर्न बांध रहे थे। इसी दौरान लोहे का पाइप हाईटेंशन तार से टकरा गया। करंट के झटके से धर्मेंद्र चौहान नीचे गिर गए और सिर फट गया। खून से लथपथ राजगीर मिस्त्री को लेकर लोग सीएचसी पहुंचे। अस्पताल में ताला बंद था। दस मिनट इंतजार के बाद कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा तो लोग हंगामा करने लगे। इसकी जानकारी किसी ने पुलिस ने को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने फोन कर डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर ने धर्मेंद्र चौहान को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही रिश्तेदारों और घर वालों में चीख-पुकार मच गई। राजमिस्त्री की पत्नी संगीता का रो-रोकर बुरा हाल है। धर्मेंद्र चौहान के तीन पुत्र आठ वर्षीय बेटा करन, छह वर्षीय शिव और चार वर्ष का अमन है। इंस्पेक्टर हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि डॉक्टर के नहीं होने पर नाराज लोगों ने सीएचसी पर हंगामा किया था। उन्हें समझाकर शांत कराया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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जिला मुख्यालय पर मीटिंग में चला गया था। इमरजेंसी में एक डॉक्टर की ड्यूटी थी। जिस समय मिस्त्री अस्पताल पहुंचा होगा, उस समय वह कहीं चले गए होंगे। हंगामे की सूचना मिलने पर कुछ देर बाद मीटिंग खत्म कर मैं भी पहुंच गया। तब तक वे लोग चले गए थे। इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉक्टर ने ही मृत घोषित किया है। -डॉ. रजनीश श्रीवास्तव सीएचसी प्रभारी