- भीषण गर्मी से मिली राहत, बारिश में भीगकर आते-जाते नजर आए लोग
- पिछले साल के मुकाबले 15 दिन बाद आया मानसून
- रात से हो रही थी हल्की बारिश, दोपहर में हुई झमाझम
- पडरौना शहर में अंबे चौक, बाईपास रोड, कन्हैया टॉकीज रोड सहित कई जगह हुआ जलभराव
- गांवों में किसानों ने कराई खेतों की जुताई, धान की रोपाई में जुटे
- जिले में 15.5 मिलीमीटर रिकार्ड की गई बारिश
- छाता, रेनकोट और प्लास्टिक की दुकानों पर खरीदारी करते नजर आए लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। करीब 20 दिनों तक जनपद में पड़ी भीषण गर्मी और लू के बाद अब मानसून ने दस्तक दे दी है। बृहस्पतिवार की रात से ही हो रही बारिश के चलते एक तो शहर से लेकर गांव तक के लोगों को गर्मी से राहत मिली है। उधर, किसान खेतों की जुताई, उसमें धान की रोपाई और अन्य कार्यों में जुट गए हैं।
किसानों को उम्मीद है कि बरसात में खेतों की धान की रोपाई करने में खर्च कम आएगा, इसलिए रोपाई में शुरू कर दी है। रात से तो बूंदाबांदी हो रही थी, लेकिन दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई। करीब डेढ़ घंटा तक तेज बारिश हुई। उसके बाद बूंदाबांदी होती रही। इससे शहर के अंबे चौक, बाईपास रोड सिनेमाहाल रोड, छावनी के गैस एजेंसी के सामने वाली गली, छावनी के बाईपास रोड सहित कई स्थानों पर जलभराव हो गया, लेकिन पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों ने इस परेशानी को भी अनदेखा कर दिया और बारिश में ही भीगते हुए अपने गंतव्य की ओर जाते दिखे।
पंद्रह दिन विलंब से आया मानसून
बरसात का मौसम 16 जून से माना जाता है। पिछले साल तो मानसून समय से आ गया था, लेकिन इस साल बरसात के मौसम में भी लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी का सामना करना पड़ा। जून की महीने में हीट स्ट्रोक से करीब 15 लोगों की जान चली गई। उबा देने वाली गर्मी से बृहस्पतिवार की रात से राहत मिलनी शुरू हुई। पडरौना शहर और अन्य क्षेत्रों में बूंदाबांदी ही हुई, लेकिन मौसम ठंडा होना के कारण राहत थी। शुक्रवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे से बारिश तेज हुई और लगभग तीन बजे तक होती रही। हालांकि, उसके बाद बूंदाबांदी दिन भर होती रही।
...बारिश में जब अंबे चौक पर जलभराव के बीच फंस गया रिक्शा
पडरौना शहर से जटहां बाजार जाने वाली सड़क पर स्थित अंबे चौक पर शुक्रवार को दोपहर में बारिश की वजह से जलभराव हो गया। इससे लोगों को आने जाने में परेशानी होने लगी। हालांकि, मानसून की पहली बारिश होने के कारण लोग बारिश में आने-जाने में कोई संकोच नहीं कर रहे थे। उसी दौरान एक रिक्शा खिरकिया बाजार से पडरौना की तरफ आते समय पानी के बीच फंस गया। ई रिक्शा चालू न हो पाने के कारण चालक ने यात्रियाें से गुजारिश किया कि उतर जाएं और धक्का दें। यात्रियों ने चालक की बात का ख्याल रखा और धक्का देकर पानी से बाहर निकाला। उसके बाद ई रिक्शा में बैठकर यात्री गंतव्य की ओर रवाना हुए।
इन सड़कों पर भी हो गया जलभराव
शुक्रवार को दोपहर में हुई बारिश के दौरान कन्हैया टॉकीज रोड, सिनेमाहाल रोड, बाईपास रोड, छावनी में गैस एजेंसी के सामने वाली गली, छावनी के बाईपास रोड सहित कई स्थानों पर जलभराव हो गया। मोहल्लेवासियों का कहना था कि बरसात पूर्व इन नालियों की ठीक से सफाई न हो पाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।
प्लास्टिक, रेनकोट और छाता की दुकान पर पहुंचे खरीदार
बारिश शुरू होते ही जो लोग रास्ते में फंस गए थे, उनमें अधिकतर जहां तहां खड़े होकर बारिश थमने का इंतजार करने लगे। इस दिन छाता, रेनकोट और प्लास्टिक बेचने वाले दुकानदारों की भी बहार रही। लोगों ने अपनी आवश्यकता के अनुसार शहर में स्थित इन दुकानों पर पहुंचकर अपनी जरूरत के अनुसार छाता, रेनकोट व अन्य सामग्री खरीदी।
15.4 मिलीमीटर रिकाॅर्ड की गई बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से शुक्रवार को जिले में 15.4 मिलीमीटर बारिश रिकाॅर्ड की गई। इसमें सर्वाधिक बारिश हाटा क्षेत्र में बताई गई है। हालांकि, शाम पांच बजे के बाद बारिश बंद हो गई, लेकिन बादल छाए रहे। बारिश के बाद चली हवा से भी काफी राहत मिली।
शुरू हो गई खेतों की जुताई, धान की रोपाई
बदन झुलसा देने वाली धूप और लू के चलते किसान खेतों की जुताई और धान की रोपाई नहीं करा रहे थे। क्योंकि अत्यधिक गर्मी की वजह से फसल के धूप में झुलसने का अंदेशा था। रोपाई करा भी देते तो सिंचाई कराने में काफी रुपये खर्च आते। इसलिए अधिकतर किसान धान की रोपाई नहीं कराए थे। शुक्रवार को हुई बारिश के बाद ट्रैक्टर कल्टीवेटर व रोटावेटर लेकर खेतों में दौड़ने लगे। लोग धान की रोपाई में पूरे मन से जुट गए। वहीं गन्ना किसान फसल में यूरिया का छिड़काव करने लगे।
इंतजार खत्म, बरसे मेघ, खेती में आई तेजी
धान की रोपाई और गन्ने की फसल के लिए किसानों को था बारिश का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा। शुक्रवार की भोर से शुरू हुई बारिश से किसानों का इंतजार खत्म हो गया। खेतों में पानी भरा होने के साथ ही धान की रोपाई शुरू हो गई। खेतों में चारों ओर किसान काम करते देखे गए। कोई धान का बेहन निकाल रहा था तो कोई ट्रैक्टर से खेत तैयार करा रहा था। बड़ी संख्या में लोग धान की रोपाई करने में व्यस्त हो गए। गर्मी से राहत मिलने से मौसम भी सुहाना हो गया है। गन्ना किसान भी अपनी फसलों को देख कर खुश हैं।
बारिश शुरू होने के साथ ही खेतों की रौनक बढ़ गई है। किसानों की पलटन खेतों में धान की रोपाई करने के लिए उतर चुकी है। बारिश के बाद किसानों के चेहरे खिल गए है। बरसात न होने से सूखे पड़े खेतों में अब पानी दिखने लगा है। हाटा क्षेत्र के किसान पिंटू, बिजली, राम बदन, मुकेश कुमार ने बताया कि बरसात होने से अब राहत मिली है। गर्मी से सूख रहे गन्दी की फसल को देखकर दु:ख हो रहा था, लेकिन अब खेतों की हरियाली देखते बन रही है। किसानों का कहना है कि अब धान की रोपाई के लिए पंपसेट का सहारा नहीं लेना पड़ रहा है। खेती की लागत में कमी आएगी तो इससे लाभ भी अधिक होगा।
इधर, गर्मी से परेशान लोग भी बारिश से काफी खुश हैं। लोगों को कहना है कि एक तो इस वर्ष गर्मी अधिक पड़ी है। ऊपर से बरसात भी देर से हुई। इसलिए हर कोई गर्मी से परेशान था। कुल मिलाकर इस बरसात ने हर वर्ग के लोगों को खुश कर दिया है।