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Kushinagar News: जून में हुई 59 एमएम बारिश, किसानों की परेशानी बढ़ी

Wed, 28 Jun 2023 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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वर्ष 2009 में हुई थे सबसे कम बारिश
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संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। क्षेत्र में इस वर्ष जून में अब तक मजह 59 एमएम ही बारिश हुई है। इससे क्षेत्र के किसानों की परेशानी बढ़ गई है। हालांकि, पिछले वर्ष 2022 के जून माह में 172 एमएम और 2021 के जून में 415.8 मिली मीटर बारिश हुई थी। इस क्षेत्र में वर्ष 2009 के जून में सबसे कम 16 एमए बारिश होने का रिकॉर्ड है।
खड्डा क्षेत्र इन दिनों तीव्र धूप व गर्मी से झुलस रहा है। जून से मानसून सीजन शुरू होने के बावजूद बारिश नहीं होने से किसानों को धान की रोपाई करने में परेशानी हो रही है। खेतों में दरार पड़ गए हैं। धान की नर्सरी व गन्ने की फसलों में पंपिंग सेट से पानी देना पड़ रहा है। 21 जून को 15 एमएम, 23 जून को 12 एमएम और 24 जून को 32 एमएम समेत कुल 59 एमएम बारिश हुई है।
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क्षेत्र के किसान अवनिंद्र गुप्ता, प्रद्युम्न तिवारी, गुड्डु सिंह, किशुना यादव, धनंजय पांडेय ने कहा कि धान की फसल सूख रही है। पौधों का विकास नहीं हो पाएगा। रोग लगा तो पैदावार भी प्रभावित होगा। पंपिंग सेट से पानी चलाने पर लागत भी बढ़ रही है।
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खड्डा क्षेत्र में कभी अत्यधिक तो कभी कम होती है वर्षा

प्राकृतिक रूप से समृद्ध होने के बावजूद यह क्षेत्र कभी अल्प तो कभी अतिवृष्टि की चपेट में रहता है। खड्डा तहसील क्षेत्र से होकर गंडक नदी गुजरती है। तहसील क्षेत्र से सटे बिहार का वाल्मीकि टाइगर रिजर्व का जंगल तथा महराजगंज का सोहगीबरवा अभ्यारण्य है। कुछ दूरी पर नेपाल की पहाड़ियां भी अवस्थित है। क्षेत्र में अचानक भारी बरसात से बाढ़ व जलभराव जन जीवन अस्त व्यस्त कर देता है, तो कभी कम बरसात सूखे का एहसास करा देता है। यहां बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के साथ ऊंचे क्षेत्र भी प्रकृति की उलटफेर के शिकार होते रहे हैं।




दो दशक के जून माह में हुई बारिश के आंकड़े उथल-पुथल की दे रहे गवाही

जून माह में हुई बारिश

2001 177.0 मिमी

2002 278.8 मिमी

2003 348.0 मिमी

2004 223.4 मिमी

2005 106.4 मिमी

2006 514.4 मिमी

2007 189.6 मिमी

2008 367.0 मिमी

2009 16.0 मिमी

2010 65.8 मिमी

2011 117.6 मिमी

2012 131.4 मिमी

2013 383.6 मिमी

2014 256.0 मिमी

2015 230.6 मिमी

2016 222.0 मिमी

2017 65.0 मिमी

2018 110.2 मिमी

2019 167.4 मिमी

2020 68.3 मिमी

2021415.8 मिमी

2022 172.0 मिमी

2023- 59.0 मिमी (28 जून तक), नोट: स्रोत केंद्रीय जल आयोग
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