पडरौना। दो दिन से बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। कई स्थानों पर पेड़ और डालियां बिजली के तारों पर गिरने से खराबी आ गई।
लोगों को घंटों बिजली संकट का सामना करना पड़ा। बारिश के बीच खराबी दूर करने में बिजली कर्मचारियों को भी परेशानी हुई। सड़कों पर आवाजाही कम रही और बाजारों में भी चहल-पहल घटी। कसया-पडरौना मार्ग पर बहोरापुर में 132 केवीए की लाइन पर सागौन का पेड़ गिर गया। इससे रविंद्रनगर उपकेंद्र से जुड़ी आपूर्ति ठप हो गई। बघौचघाट फीडर से जुड़े कई गांवों में 48 घंटे से बिजली गुल रहने पर उपभोक्ताओं ने प्रदर्शन किया। पटहेरवा क्षेत्र में 30 घंटे में मुश्किल से एक घंटे बिजली मिली, जिससे लोगों में आक्रोश है। जेई पंकज गुप्ता ने उत्पादन में कमी के चलते रोस्टरिंग को इसकी वजह बताया।
बिजली आपूर्ति बाधित
कुबेरस्थान विद्युत उपकेंद्र के तारों पर डालियां गिरने से शिवपुर फीडर से जुड़े गांवों में आपूर्ति देर शाम तक ठप रही। पडरौना शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी कई जगह तार टूटने और पोल के आसपास डालियां गिरने की शिकायतें मिलीं। दुदही क्षेत्र में नारहवा, नौगांवा, गौरी शुक्ल समेत कई जगह पेड़ या पोल गिरने से तार टूट गए। बिजली कर्मी जेसीबी और लाइनमैन की मदद से मरम्मत कार्य में जुटे रहे। पिपरा कनक और पटहेरवा फीडर क्षेत्र में 35 घंटे में महज तीन घंटे बिजली मिलने की बात सामने आई।
फसलों को नुकसान
बारिश और हवा ने किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाया। खेतों में तैयार धान और गन्ने की फसलें कई स्थानों पर जमीन पर गिर गईं। इससे उत्पादन प्रभावित होने के साथ कटाई में भी परेशानी बढ़ने की आशंका है। पकड़ियार बाजार, मथौली, जौरा बाजार और पिपरा कनक क्षेत्र में धान की बालियां खराब होने का डर है। विशुनपुरा ब्लॉक में 18,594 हेक्टेयर में खेती हुई है, जहां किसानों ने नुकसान का आकलन कराने की मांग की है।