खाद्य एवं विपणन विभाग के अफसरों के साथ एसडीएम सदर ने अर्जुनहां स्थित भारतीय खाद्य निगम के गोदाम पर शनिवार को छापा मारा। यह खबर लगते ही डिपो पर तैनात कर्मियों में हड़मंप मच गया। जांच के दौरान डिपो के मैनेजर गायब हो गए। 20 शेड के 53 चैंबर वाले इस गोदाम में से टीम ने सात शेड के गोदामों की जांच की जिसमें से प्रत्येक गोदाम में करीब 10 बोरे की कमी पाई गई। कुछ फटे बोरे भी मिले।
इससे भी बड़ी कमी यह थी कि आठ अक्टूबर के बाद से खाद्यान्न संबंधी कोई रिकॉर्ड पूर्ण नहीं था। एसडीएम सदर ने भारत सरकार की दस सदस्यीय कमेटी से इसकी वृहद जांच कराने की संस्तुति की है।
डीएम डॉ. अनिल कुमार सिंह को एफसीआई गोदाम में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। लिहाजा उन्होंने आरएमओ गोरखपुर, डिप्टी आरएमओ कुशीनगर और विपणन निरीक्षक पडरौना को एसडीएम सदर के साथ एफसीआई गोदाम पर भेजा।
इन अफसरों के छापे के दौरान ही डिपो के मैनेजर सूर्यभान यादव वहां से गायब हो गए। 90 हजार मीट्रिक टन की क्षमता वाले 20 शेड के इस गोदाम में कुल 53 चैंबर बने हैं, जिसकी जांच सुबह दस बजे से शुरू कर दी गई। यह जांच शाम चार बजे तक चली, जिसमें से सात गोदामों की जांच ही हो सकी। एसडीएम सदर गुलाबचंद्र ने बताया कि सात चैंबर में से प्रत्येक की जांच में करीब दस बोरी खाद्यान्न कम मिला।
चूंकि पूरे गोदाम का सत्यापन करने में कम से कम पंद्रह दिनों का समय लग जाएगा, इसलिए पहले दिन सात चैंबर की जांच ही हो पाई। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में मिली इस कमी की रिपोर्ट बनाकर डीएम को सौंपी जाएगी। एसडीएम ने यह भी बताया कि भारत सरकार की दस सदस्यीय टीम से इसकी पीडी कराने की संस्तुति की गई है। इस छापेमारी के दौरान एफसीआई के रीजनल मैनेजर डॉ. देव सिंह के साथ पडरौना के लेखपाल योगेंद्र गुप्ता और अन्य लोग मौजूद थे।