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राधेश्याम हत्याकांड : दो गिरफ्तार, फरार आरोपियों की तलाश में दबिश

Mon, 13 May 2024 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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घटना के बाद बघपरना गांव में तैनात पुलिस।
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पकड़ियार बाजार/क्रांति चौराहा। चुनावी बहस के बाद अधेड़ की हत्या से गांव में तनाव बरकरार है। पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पीड़ित और ग्राम प्रधान के दरवाजे पर पुलिस कैंप कर रही है। पीड़ित परिवार के सदस्य ग्राम प्रधान को भी घटना में शामिल होने का आरोप लगा रहे हैं। गांव में आने-जाने वालों पर पुलिस नजर रख रही है। पीड़ित परिवार को लोग ढाढ़स बंधा रहे हैं। घायल बेटा और बेटी के स्वास्थ्य में सुधार बताया जा रहा है।
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नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बघपरना गांव में शंभू चौधरी और अमित पाठक के बीच चुनावी बहस को लेकर शुक्रवार को विवाद हो गया था। शंभू चौधरी पक्ष के लोगों ने दरवाजे पर चढ़कर अमित पाठक के 55 वर्षीय राधेश्याम पाठक की पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान राधेश्याम की शनिवार को भोर में मौत हो गई थी। कार्रवाई के लिए नाराज गांव वाले थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस इस मामले में घटना को अंजाम देने वाले चार लोगों पर हत्या और हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया। मारपीट में मृतक के बेटे अमित पाठक और बेटी रीतू को भी चोटें आई थी। घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया। अमित पाठक गांव के प्रधान पर भी घटना में शामिल होने का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ग्राम प्रधान के दरवाजे और गांव में तैनात है। पुलिस ने शंभू चौधरी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। बाकी आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।
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निर्दोष मनई के जे मरले बा ओकर इंसाफ भगवान करीहे..
बघपरना में पीड़ित के दरवाजे पर दोपहर 12:30 बजे आने-जाने वाले रिश्तेदार और शुभचिंतकों की भीड़ रही। पीड़ित परिवार के साथ हुई बर्बरता को लेकर लोग अपने दरवाजे पर चर्चा कर रहे थे। गांव में सन्नाटा था। पीड़ित के दरवाजे पर पेड़ की छांव में बैठे लोगों से पूछने पर जोखना देवी ने कहा कि बाबा का इस गांव में किसी से कोई विवाद नहीं हुआ था। पड़ोस में मौजूद बितनी देवी ने कहा कि हर व्यक्ति के सुख-दुःख में राधेश्याम बाबा खड़े रहते थे। कोई कुछ भी कह देता था तो हंस कर टाल देते थे। गांव के बाहर स्कूल के पास पेड़ के नीचे बैठे रंगी चौधरी ने कहा कि हमार उम्र 80 वर्ष के हो गईल लेकिन आजु ले बाबा के केहू से झगड़ा करत नाहीं देखनी, निर्दोष के साथ जे भी ई पाप कइले बा.. ओकर हिसाब ऊपर वाला करीहें...। वहां मौजूद परमहंस पाल ने कहा कि केहू सोचले नाहीं रहल ह की बाबा के जान एह तरे चलि जाई...। गांव के लोगों की जुबान पर राधेश्याम की सादगी और दरियादिली की चर्चा हो रही थी।
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प्रधानी का चुनाव लड़ चुके थे राधेश्याम
-वर्ष 2021 में हुए पंचायत चुनाव में राधेश्याम पाठक ग्राम प्रधान पद के लिए चुनाव लड़े थे। धन बल के आगे उनको हार का सामना करना पड़ा था। ग्रामीणों की मानें तो मिलनसार व्यक्ति होने के नाते लोगों में उनकी अच्छी पकड़ थी। चुनाव में माहौल बनाने की कला उनके अंदर थी।
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