दुदही। ब्लॉक सभागार में आयोजित “मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान” की समीक्षा बैठक में व्यवस्थाओं और तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए। सीडीओ वंदिता श्रीवास्तव ने ब्लॉक अधिकारियों एवं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के साथ योजना को लेकर संवाद किया, लेकिन अधिकतर महिलाएं योजना से संबंधित बुनियादी जानकारी तक नहीं दे सकीं।
सीडीओ ने महिलाओं से योजना की पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया और स्वरोजगार से जुड़े कई सवाल पूछे, लेकिन अधिकतर महिलाएं जवाब देने में असमर्थ नजर आईं। जिन महिलाओं ने जवाब देने का प्रयास किया, उनके उत्तर भी संतोषजनक नहीं पाए गए। ऐसा प्रतीत हुआ कि बैठक में केवल उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से महिलाओं को बुलाया गया था, जबकि उन्हें योजना की पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई थी।
इस दौरान दुदही बीडीओ कमलेश कुमार ने भी महिलाओं से योजना को लेकर सवाल किए, लेकिन वहां भी आधे-अधूरे जवाब ही सामने आए। बैठक में मौजूद अधिकारियों के सामने योजना के प्रचार-प्रसार और प्रशिक्षण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर होती दिखाई दी।
बताया जा रहा है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार बैठकों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन दुदही ब्लॉक में आयोजित इस बैठक ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या लाभार्थियों को वास्तव में योजनाओं की जानकारी दी जा रही है या केवल कागजी खानापूरी की जा रही है।