जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते अतिथि। संवाद
पडरौना। जिला पंचायत सभागार में मंगलवार को अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ की तरफ से महारानी गोंड वीरांगना महारानी दुर्गावती का 462वां बलिदान दिवस मनाया गया। इसमें उनकी जीवनी पर चर्चा कर उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष व रामकोला विधायक विनय प्रकाश गोंड ने कहा कि गढ़मंडला साम्राज्य के महाराजा संग्राम साह की पुत्रवधु महारानी दुर्गावती ने अपने पति दलपत साह की आकस्मिक मृत्यु के बाद शासन सत्ता को अपने हाथ में ले लिया था। उनहोंने अपने शासन काॅल में मुगल शासक अकबर और अकबर की सेना से लडते हुए 52वीं बार युद्ध करते हुए 24 जून 1564 को वीरगति को प्राप्त हुईं। कार्यक्रम को हाटा विधायक मोहन वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप जायसवाल, प्रदेश महासचिव बिन्देश्वरी प्रसाद गोंड, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रीतम नाथ गोंड, युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष चन्दन गोंड, प्रदेश संगठन मंत्री गोरख प्रसाद गोंड, प्रांतीय बिधिक सलाहकार ब्रजनारायण प्रसाद गोंड आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दिग्विजयनाथ गोंड और संचालन जिला महासचिव मनोज कुमार गोंड ने किया। इसके बाद सर्वसमत्ति से गोरख प्रसाद गोंड को संगठन का जिलाध्यक्ष चुना गया।