मिशन की प्रगति असंतोषजनक होने पर शासन ने डीएम से मांगी आख्या
महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने डीएम को भेजा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले के परिषदीय विद्यालयों में चल रहे निपुण भारत मिशन की प्रगति संतोषजनक नहीं है। इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने डीएम को पत्र लिखकर आख्या मांगी है। इस पत्र के आने के बाद विभाग के अधिकारियों में खलबली मची हुई है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने डीएम को पत्र लिखकर कहा कि कुशीनगर में निपुण भारत मिशन की प्रगति बेहद असंतोषजनक है। इस पत्र में कहा गया है कि डीएम मासिक बैठक कर टास्क फोर्स, जिम्मेदार अधिकारियों, एसआरजी तथा एआरपी से विद्यालय का निरीक्षण तथा अनुश्रवण करवाएं।
इस दौरान शिक्षक के अनुपस्थिति, बिना वजह विद्यालय से गायब रहना, समय से विद्यालय न आना आदि पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है। इसके साथ निपुण दक्षताओं का आकलन तथा विश्लेषण पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है, ताकि निपुण भारत मिशन की प्रगति में सुधार हो सके।
क्या है निपुण भारत मिशन
निपुण भारत योजना का मुख्य उद्देश्य आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान छात्र-छात्राओं में विकसित करना है। इस योजना के माध्यम से सन 2026-27 तक तीसरी कक्षा के छात्र को पढ़ने, लिखने एवं अंकगणित सीखने की क्षमता प्राप्त करवाना है। इसमें प्रत्येक कक्षा के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कोट
निपुण भारत मिशन के तहत शासन की तरफ से निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभाग संकल्पित है। इसके लिए सभी संबंधित को निर्देश दिए गए हैं। दिसंबर 2023 तक प्रत्येक एआरपी और जुलाई 2023 तक शिक्षक संकुल की तरफ से चिह्नित दस विद्यालयों को निपुण बना लिया जाएगा। डीएम व सीडीओ की तरफ से चुनाव बाद इस संंबंध में गहन समीक्षा करने के निर्देश मिले हैं। शासन की तरफ से मिले अन्य निर्देशों का भी पालन किया जाएगा।
-सत्येंद्र कुमार मौर्या, जिला समन्वयक (प्रशिक्षण)