भारत, नेपाल और श्रीलंका के बौद्ध अनुयायी हुए शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। कुशीनगर स्थित भदंत ज्ञानेश्वर बुद्ध विहार परिसर से रविवार की सुबह नौ से शाम पांच बजे तक अखंड महापरित्राण पाठ हुआ। इसी दौरान बौद्ध अनुयायियों ने विश्व शांति के लिए नगर में शोभयात्रा निकाली। इसमें भारत के अलावा नेपाल और श्रीलंका के बौद्ध अनुयायी शामिल हुए।
बौद्ध अनुयायियों ने पहले महापरिनिर्वाण मंदिर की परिक्रमा कर विशेष पूजा की। इसके बाद शोभायात्रा निकाली। भंते महेंद्र ने कहा कि महापरित्राण से सभी दुखों व रोगों से मुक्ति मिलती है। इस पाठ में बुद्ध वाणी का वाचन किया जाता है। महामंगल सूत्र, जयमंगल अठगाथा, रतन सूत्र, करणीय मैत्री सूत्र आदि का पाठ भिक्षुओं ने किया।
उन्होंने बताया कि इसका पाठ करने से मानव के समस्त दुखों के निवारण होता है। हाटा के विधायक मोहन वर्मा ने कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षा समाज के लिए हमेशा प्रासंगिक रहेंगी। पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि भगवान बुद्ध ने विश्व को करुणा, मैत्री व शांति का संदेश दिया था। लोगों को उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
इसके बाद बुद्ध विहार में बौद्ध भिक्षुओं को चीवर दान किया। बाहर से आए बौद्ध भिक्षुओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान भंते उदय, भंते नंदका, भंते अशोक, भंते मुलायम, भंते रत्नाकर, भंते बोधि ग्यान, अंतरराष्ट्रीय पहलवान रामाश्रय यादव, डॉ. अनिल सिन्हा, उदयभान यादव, सुबोध कुमार, सुनीता, आष्था शर्मा, केशव सिंह आदि मौजूद रहे।