पहले बाइक ने ठोकर मारी और अब जिला अस्पताल की बदइंतजामी से परेशान
जनरल वार्ड में 80 बेड, मरीज भर्ती हो गए 97
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। मौसम में बदलाव आने से लोगों को वायरल बुखार जकड़ रहा है। इस कारण कुशीनगर में जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। शनिवार को अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण इलाज कराने के लिए फर्श पर लेटने को मजबूर हो गए। वहीं, इसमें बाइक की ठोकर से घायल युवक दर्द कराह रहा था। कह रहा था कि पहले बाइक ने ठोकर मारी, अब जिला अस्पताल की बदइंतजामी से परेशान है।
जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में शनिवार को दोपहर तक 97 मरीज भर्ती थे। इसमें अधिकतर उल्टी, दस्त, सांस, बुखार, चोट के अधिक मरीज थे। वार्ड में अधिक भीड़ होने के कारण मरीजों को बैठने के लिए जगह नहीं मिली। जगह न मिलने पर मरीज फर्श पर लेटे रहे।
फर्श पर लेटा हुआ हेतिमपुर निवासी सोदरा पटेल दर्द से कराह रहा था। उसका कंधे और हाथ, पैर में चोट लगी थी। उसने बताया कि वह शुक्रवार की दोपहर बाइक की ठोकर से घायल हो गया। चार बजे इमरजेंसी पहुंचा। वहां उपचार के बाद पांच बजे जिला अस्पताल में भर्ती हो गया। यहां के बाद उसे जनरल वार्ड में शाम छह बजे भेज दिया गया। यहां आने पर नर्स ने बताया कि बेड फुल है। फर्श पर लिटाकर बोतल चढ़ाकर उपचार किया गया।
दूसरी मरीज फर्श पर लेटी नादह दक्षिण टोला की नूरजहां की तबीयत खराब थी। वह दवा खाकर सो रही थी। उसके पास बैठी ननद सेबुन निशा ने बताया कि वह शुक्रवार को अधिक बुखार हो जाने से जिला अस्पताल में इलाज कराने आई थी। जांच में पता चला कि टायफाइड है। डॉक्टर ने वार्ड में भर्ती कर दिया। यहां आने के बाद बेड भरा पड़ा था। नर्स ने फर्श पर ही लिटा दिया। इससे मरीज को रातभर परेशानी उठानी पड़ी।
बगल में दर्द से कहारते हुए सेमरिया निवासी रामभरोसा ने कहा कि बेटा हमको बेड दिलवा दो। रात में अचानक दर्द होने से अस्पताल में भर्ती हूं। फर्श पर लेटाकर डॉक्टर साहब इलाज कर रहे हैं। दोपहर दो बजे एक बेड खाली होने पर वृद्ध को वहां लिटाया गया।
बोले तीमारदार
जिला अस्पताल में बेड के सापेक्ष अधिक मरीज आ रहे हैं तो इसकी व्यवस्था जिला अस्पताल को करनी चाहिए। फर्श पर मरीज को लिटाकर बोतल, सुई दी जा रही है। मरीजों को दिक्कतें हो रही हैं।
-छोटेलाल तीमारदार
दुर्घटना में घायल लोगों को भी बेड नहीं मिल रहा है। मामा को कंधे सहित पूरे शरीर में चोट लगी हुई है। शरीर पर पट्टी बंधी है। इसके बावजूद भी 20 घंटे से फर्श पर लेटाकर उपचार किया जा रहा है। सरकार को इस पर पर ध्यान देना चाहिए।
-संदीप पटेल, तीमारदार
वर्जन
इस समय जिला अस्पताल के वार्ड मरीजों से भर गए हैं। इस मौसम में मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। दो फ्लोर में मिलाकर 32 बेड का भवन बन गया है। कुछ सिविल वर्क बाकी है। उसके बाद उसमें वार्ड खोला जाएगा। इससे मरीजों की परेशानी कम हो जाएगी।
-डॉ. दिलीप कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल