सीएचसी से मरीज लेकर चलने के कुछ समय बाद ही खराब हो गई थी एंबुलेंस, बीते बुधवार का बताया जा रहा वीडियो
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। मरीज लिए सरकारी एंबुलेंस को धक्का देते एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एंबुलेंस को धक्का दे रहे लोग एंबुलेंस में बैठे मरीज के तीमारदार का बताए जा रहे हैं। यह मामला फाजिलनगर का बताया जा रहा है। इसमें एक मरीज को सीएचसी से रेफर करने के बाद यह सरकारी एंबुलेंस से जिला अस्पताल के लिए निकला, लेकिन अस्पताल से कुछ दूर आगे बढ़ने पर ही वह खराब हो गया। परिजन दूसरे एंबुलेंस को मंगाने का प्रयास किए, लेकिन दो घंटे बाद भी दूसरा एंबुलेंस पहुंचा, जिससे मरीज की मौत हो गई। यह मामला बीते बुधवार का बताया जा रहा है। पटहेरवा थाना क्षेत्र के बलुआ शमशेर शाही निवासी मोहन शर्मा के 17 वर्षीय बेटे बबलू की तबीयत खराब हो गई। उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी। परिजन उसे इलाज के लिए सीएचसी फाजिलनगर ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन बबलू को सरकारी एंबुलेंस से जिला अस्पताल के लिए निकले, लेकिन कुछ ही दूरी पर एंबुलेंस खराब हो गई। इसके बाद परिजन एंबुलेंस को धक्का देने लगे। काफी प्रयास के बाद भी एंबुलेंस चालू नहीं हुई। इसके बाद परिजन दूसरे एंबुलेंस को मंगाने का प्रयास करने लगे। परिजनों से जिस नंबर पर बात हुई, उनसे मरीज की हालत काफी गंभीर बताते हुए तत्काल एंबुलेंस भेजने की गुहार लगाई।
उधर, खराब पड़ी एंबुलेंस में बैठे बीमार बबलू की हालत बिगड़ती गई। मरीज के पिता का कहना है कि दो घंटे बाद दूसरी एंबुलेंस पहुंची, तब तक बेटे की तबीयत काफी खराब हो चुकी थी। उसे दूसरे एंबुलेंस में बैठाने का प्रयास कर रहे थे। उसी बीच बबलू की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि यदि समय पर एंबुलेंस आ गई होती, तो बेटे की मौत नहीं हुई होती।
इस संबंध में फाजिलनगर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमन नायक ने बताया कि युवक की हालत गंभीर थी। इसलिए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। जिस एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया, उसका एक्सल अस्पताल से कुछ दूरी पर टूट गया। अस्पताल परिसर में भी कोई एंबुलेंस नहीं थी। अधिकारियों को जानकारी देकर एंबुलेंस करीब आधे घंटे में मंगा ली गई थी।