-सांस की दिक्कत वाले मरीजों को नहीं लगा था ऑक्सीजन, 30 बेड का आईसीयू वार्ड बनेगा, प्रक्रिया पूरी
पडरौना। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में अचानक प्राचार्य और सीएमएस दोपहर में पहुंचे। सांस की तकलीफ से परेशान कई मरीजों को ऑक्सीजन नहीं लगाया गया था। यह देख नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल ऑक्सीजन लगवाए। प्राचार्य के कई सवालों का जवाब जूनियर डॉक्टर नहीं दे पाए। प्राचार्य ने बताया कि बहुत जल्द तीस बेड का आईसीयू वार्ड बनेगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को जूनियर डॉक्टर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दे रहे हैं। इसकी जानकारी होने पर प्राचार्य डॉ. आरके शाही और सीएमएस डॉ. एचएस राय सोमवार को दोपहर में इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे।
खड्डा सीएचसी से रेफर किए गए हानुछपरा गांव निवासी शहीद को सांस की तकलीफ थी। लेकिन ऑक्सीजन नहीं लगाया गया था। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए जूनियर डॉक्टरों की क्लास लगाई लगाई। इसके बाद मरीज को ऑक्सीजन लगाया गया।
मदनपुर सुकरौली की रहने वाली बतकी देवी को सीने में दर्द था। उन्हें इमरजेंसी में रेफर किया गया था। लेकिन ऑक्सीजन नहीं लगा था। इस पर भी प्राचार्य नाराज हुए। करीब आधे घंटे तक जूनियर डॉक्टरों को इलाज के टिप्स दिए।
इमरजेंसी वार्ड से निकलने के बाद प्राचार्य और सीएमएस डेंगू वार्ड में पहुंचे। यहां एक मरीज भर्ती था। इसकी रिपोर्ट देखने के बाद छुट्टी करने का आदेश दिया। प्राचार्य ने बताया कि मरीजों को रेफर करने की शिकायतें मिल रही हैं। बहुत जल्द तीस बेड का आईसीयू वार्ड बनेगा। इससे इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के इलाज में काफी सहूलियत होगी। जिला अस्पताल/मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने बताया कि नवंबर के अंत तक तीस बेड का आईसीयू वार्ड बन जाएगा। इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।