तमकुहीरोड। नारायणी (गंडक) नदी का डिस्चार्ज सोमवार को घटकर 1.04 लाख क्यूसेक पर आ गया। इस मानसून सत्र में नदी का डिस्चार्ज अब तक केवल दो बार दो लाख क्यूसेक के पार गया है। जलस्तर घटने से तटबंधों पर पानी का दबाव भी कम होने लगा है। एपी बांध के जवही दयाल में बाढ़ बचाव का काम अंतिम चरण में है।
परियोजना के तहत बांध के किनारे प्रस्तावित 500 मीटर एप्रन का निर्माण पूरा करा लिया गया है। इसके अलावा 300 मीटर से अधिक स्लोप पिचिंग का काम भी पूरा हो चुका है। शेष हिस्से में सोमवार को भी अभियंताओं की देखरेख में काम जारी रहा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, शेष कार्य दो से तीन दिन में पूरा करा लिया जाएगा।
नदी का जलस्तर कम होने से नरवाजोत, पिपराघाट, जवही दयाल, कट इन वन से कट इन टू, विरवट कोन्हवलिया, नोनिया पट्टी, कचहरी टोला और अहिरौलीदान स्थित तटबंधों पर पानी के दबाव का खतरा फिलहाल कम हुआ है।