गणतंत्र दिवस की तैयारी पूरी, आज होगा झंडारोहण
कोविड गाइडलाइन के अंतर्गत मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस
कुशीनगर। बुधवार को 73वां गणतंत्र धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन डीएम कलेक्ट्रेट पर झंडारोहण करेंगे। इसके बाद सरकारी दफ्तरों, सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं और विद्यालयों में झंडारोहण किया जाएगा। पुलिस लाइंस में परेड का आयोजन होगा। सभी तैयारी मंगलवार को पूरी कर ली गई। झंडारोहण के बाद पौधरोपण कया जाएगा। इस दरम्यान कोविड गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा।
इस साल का गणतंत्र दिवस भी कोविड गाइडलाइन के तहत मनाया जा रहा है। क्योंकि जनपद में कोरोना महामारी का संक्रमण निरंतर बढ़ रहा है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में सफाई से लेकर पौधरोपण आदि की तैयारी कर ली गई। इसके अलावा स्वतंत्रता संग्राम सेेनानियों को सम्मानित करने की तैयारी भी की गई है। कलेक्ट्रेट में डीएम एस. राजलिंगम अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में झंडारोहण करेंगे।
एडीएम देवीदयाल वर्मा ने बताया कि गणतंत्र दिवस कार्यक्रम की शुरुआत बुधवार सुबह छह बजे धार्मिक स्थलों पर सामूहिक प्रार्थना से होगी। इसके बाद सरकारी भवनों पर सुबह 8:30 बजे झंडारोहण होगा। उसके बाद राष्ट्रगान और संकल्प को दोहराया जाएगा। तुरंत बाद सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय परिसर में पौधरोपण किया जाएगा। सुबह 9:30 बजे पुलिस लाइंस में पुलिस परेड का कार्यक्रम होगा। शैक्षिक संस्थानों में झंडारोहण सुबह दस बजे किया जाएगा। सुबह 11 बजे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके आश्रितों को उनके घर जाकर क्षेत्र के एसडीएम और तहसीलदार सम्मानित करेंगे। दोपहर दो बजे जिले के सभी शहीद स्मारकों पर माल्यार्पण किया जाएगा।
झंडारोहण के दौरान रहेगी दो गज की दूरी
पडरौना। कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिले के सरकारी और गैर सरकारी विद्यालय भौतिक रूप से बंद चल रहे हैं, लेकिन गणतंत्र दिवस के मौके पर माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राएं स्वेच्छा से विद्यालय पहुंचकर गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हो सकते हैं।
यह जानकारी डीआईओएस मनमोहन शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस के मौके पर विद्यालय में झंडारोहण के अतिरिक्त विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं, लेकिन इसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच दो गज की दूरी समेत अन्य कोविड गाइडलाइन का शत -प्रतिशत पालन करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि विद्यालय परिसर की क्षमता के अनुरूप अधिकतम दो सौ छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। इसका कड़ाई से पालन किया जाएगा।