ब्लॉक कार्यालय में मजदूरों का रजिस्ट्रेशन करने आए श्रम विभाग के कर्मचारियों को ग्राम प्रधानों ने चार घंटे तक बैठाए रखा। ग्राम प्रधानों का आरोप था कि ये कर्मचारी बिना सूचना दिए रजिस्ट्रेशन करने पहुंचे थे। बाद में कर्मचारियों ने सूचना देकर रजिस्ट्रेशन के लिए आने का लिखित आश्वासन दिया, तब जाकर ग्राम प्रधानों ने उन्हें छोड़ा।
बुधवार को दिन के करीब दस बजे श्रम विभाग के कर्मचारी नंदकुमार तिवारी और अभिमन्यु कुमार श्रीवास्तव फाजिलनगर ब्लॉक पर पहुंचे। ये दोनों कर्मचारी ब्लॉक सभागार में मजदूरों का रजिस्ट्रेशन शिविर लगाने आए थे। उस समय कुछ ग्राम प्रधान ग्राम सभा के संबंधित कार्य से ब्लॉक पर आए थे। उन्हें सूचना मिली तो अन्य ग्राम प्रधानों से संपर्क कर बुला लिया और शिविर के बारे में पूछा। उसके बाद ग्राम प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह की मौजूदगी में ग्राम प्रधानों ने दोनों कर्मचारियों को बैठा लिया। प्रधानों ने आरोप लगाया कि इस शिविर की जानकारी न तो प्रधानों को है और न ही मजदूरों को। ऐसे में इस शिविर का कोई औचित्य नहीं है। इसके अलावा प्रधानों का यह भी आरोप था र्कि इंट भट्ठा मालिकों से मिलीभगत कर केवल वहीं के मजदूरों का पंजीयन करने के लिए ऐसा किया गया। प्रधान किसी बड़े अधिकारी को बुलाने की मांग कर रहे थे। लगभग चार घंटे बाद दोनों कर्मचारियों ने अपने उच्चाधिकारियों से वार्ता करने के बाद बुधवार को आयोजित होने वाला शिविर निरस्त कर दिया तथा पुन: सभी प्रधानों को नई तिथि की सूचना देने के बाद पंजीयन शिविर लगाने का लिखित आश्वासन दिया। तब प्रधानों ने दोनों कर्मचारियों को जाने दिया। इस दौरान दिनेश सिंह, साहब हुसैन, लक्ष्मण प्रसाद, शिवनारायण सिंह, अनिल गोंड, विपिनचंद्र यादव, वीरेंद्र वर्मा आदि प्रधान मौजूद थे।