पडरौना। आंदोलन और त्योहार की भीड़ के चलते बुधवार को पडरौना शहर दिन भर जाम से जूझता रहा। गंडक नहर पुल से लेकर तिलक चौक तक रुक-रुककर जाम लगता रहा। देवी प्रतिमा लेकर जा रहे श्रद्धालुओं की भीड़ से निकलने में लोगों केे बहुत मशक्कत करना पड़ा। परंतु पूरे दिन शहर में ट्रैफिक व पुलिस की सक्रियता नजर नहीं आई।
शहर से लेकर गांव तक बने पूजा पंडालों में प्रतिमाएं जाने लगी हैं। बुधवार को सुबह से ही पडरौना शहर से प्रतिमा लेकर जाने वाली ट्रालियां दिखने लगीं। 10 बजते-बजते सड़क पर भीड़ बढ़ गई। यातायात व्यवस्था का ख्याल नहीं रखे जाने की वजह से वक्त के साथ जाम लंबा होता चला गया। दोपहर 12 बजे तो स्थित यह हो गई कि गंडक नहर पुल से लगायत तिलक चौक तक वाहन रेंगने लगे। दोपहर करीब दो बजे जिला मुख्यालय से पैदल मार्च करते होमगार्ड्स कठकुइयां मोड़ पर पहुंचे तो यातायात व्यवस्था चरमरा गई। होमगार्ड्स का पैदल मार्च तिलक चौक तक जाना था, लेकिन भीड़ को देखते हुए होमगार्डों ने स्वत: ही व्यवस्था बनाई और कठकुइयां मोड़ से ही लौट गए। नगर के कारोबारी मनोज चौरसिया, रमेश मद्धेशिया, मनोज रैना आदि का कहना था कि प्रशासन ने त्योहार को ध्यान में रखते हुए अब तक यातायात के लिए कोई तैयारी नहीं की है। भीड़ को नियंत्रित करने और सड़क पर खड़ी हो रही गाड़ियों को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जिम्मेदार भी नजर नहीं आए।