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Kushinagar News: सिपाही वन, जीएसटी-टू और आरटीओ-थ्री की सच्चाई जानने में जुटी पुलिस

Mon, 10 Nov 2025 02:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कुशीनगर। ढाबे की आड़ में हाईवे पर अवैध वसूली गैंग का भंडफोड़ करने के बाद पुलिस अब जेल गए आरोपियों के मेरठ से लेकर कुशीनगर तक के कनेक्शन खंगालने में जुटी है। वहीं डायरी और आरोपियों के मोबाइल फोन में 55 ऐसे नंबर ऐसे मिले हैं, जो कोड भाषा में सेव किए गए हैं। इसमें सिपाही वन, जीएसटी-टू, आरटीओ-थ्री व दोस्त वन जैसे कोड भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
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पुलिस सर्विलांस की मदद से इन नंबरों की वास्तविक जानकारी करने में जुटी है। हाईवे के किनारे स्थित बाकी ढाबों पर भी पुलिस की कड़ी नजर है। सूत्रों की मानेें तो ढाबा की आड़ में हाईवे पर अवैध धंधे में गैंग सक्रिय है।
मेरठ के रहने वाले सुनील कुमार सिंह ने अपने दो साथियों के साथ करीब चार माह पूर्व हाटा कोतवाली क्षेत्र के एनच-28 पर हेतिमपुर टोल प्लाजा के पास सेठी ढाबा खोला था। इसके बाद यहां से अवैध परिवहन का संचालन करने वालों से वसूली करने लगा। हाल में त्योहार के दौरान में लंबी दूरी से बिहार को जाने वाली लग्जरी बसों से लगातार हादसे के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। सेठी ढाबा पर छापेमारी कर ढाबा संचालक सुनील और इसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
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इसमें एक साथी पीलीभीत का रहने वाला है। ढाबे से एक डायरी और आरोपियों के मोबाइल बरामद किए। डायरी में कलक्ट्रेट के एक अफसर के स्टेनो, एआरटीओ विभाग के कुछ कर्मचारियों के मोबाइल नंबर के अलावा जीएसटी के भी कुछ कर्मचारियों का नंबर लिखा था। इसके अलावा मोबाइल में 55 ऐसे नंबर मिले हैं, जो कोड भाषा से सेव किए गए हैं। इन मोबाइल नंबरों की सच्चाई का पता लगाने में पुलिस जुट गई है।
सूत्रों की मानें तो बिना जिम्मेदारों की शह पर हाईवे पर वसूली करने वाला गैंग सक्रिय नहीं हो सकता था। सेठी ढाबे से जारी होने वाले टोकन दिखाने पर क्यों अवैध परिवहन वाले वाहनों को छोड़ दिया जाता था। इस खेल के पीछे जिले में हेतिमपुर और सलेमगढ़ के पास संचालित टोल प्लाजा पर तैनात कर्मियों की भूमिका संदिग्ध है, क्योंकि कुछ दिन पहले दो बाइक सवारों को दिल्ली से बिहार जा रही लग्जरी बस ने सलेमगढ़ टोल प्लाजा के पास कुचल दिया था।
वायरल वीडियो में दिख रहा था कि इस बस से बिना टोल लिए साइड से पास कराया जा रहा था। इस दौरान हादसा हुआ। हादसे के बाद टोल प्लाजा पर तैनात कर्मी भाग गए थे। शव रखकर लोगों ने सड़क जाम किया था। इस खेल के पीछे शामिल टोल कर्मियों को दोषी बताया था। तमकुहीराज एसडीएम और सीओ ने घटना की जांच कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। यदि ढाबे से मिली डायरी और कोड भाषा में सेव किए गए मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर कार्रवाई की जाए तो जिम्मेदारों की गर्दन फंसनी तय है।
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