खड्डा। सरकारी जमीन पर नमाज पढ़ने के मामले में दूसरे दिन पुलिस ने तुर्कहा गांव में दबिश दी। तीन पुलिसकर्मियों समेत 11 लोगों पर कार्रवाई के बाद गांव के एक पक्ष के अधिकतर युवक घर छोड़कर फरार हैं। गांव में लोग सहमे हुए हैं। जुमा के चलते पुलिस की नजर सरकारी जमीन पर रही ताकि कोई नमाज न अदा करे।
तुर्कहा गांव में सरकारी जमीन पर बकरीद के दिन नमाज पढ़ने के मामले में थानाध्यक्ष, दरोगा और सिपाही को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया था। सामझौते को नजरअंदाज कर सरकारी जमीन पर नमाज अदा करने और साजिश रचने वालों पर केस दर्ज कर प्रधानपति समेत 11 लोगों को पुलिस ने जेल भेजा गया है। गांव के एक पक्ष के लोगों में पुलिस की कार्रवाई के बाद दहशत है। नमाज पढ़ने में शामिल अधिकांश लोग घर छोड़कर फरार हैं। शुक्रवार होने के चलते पुलिस सतर्क रही कि कहीं दोबारा कोई नमाज सरकारी जमीन पर न पढ़े। गांव वालों का कहना है कि गांव के कुछ लोगों की वजह से गांव का माहौल खराब होने लगा था। पुलिस को इसकी जांच करनी चाहिए और नमाज पढ़ने के लिए शह देने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। इसमें राजस्व विभाग के कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। लोगों का कहना है कि इस जगह पर शीघ्र सरकारी धन से विवाह भवन बनना चाहिए। ताकि यह विवाद खत्म हो जाए। सीओ उमेश भट्ट ने बताया कि मामले की छानबीन चल रही है। जुमा होने के चलते पुलिस सतर्क थी। गांव में ड्यूटी लगाई गई थी। किसी भी निर्दोष को परेशान होने की जरूरत नहीं है। जो दोषी पाए जाएंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।