जिले के फोरलेन से पशुओं की तस्करी बिहार होते हुए पश्चिम बंगाल तक हो रही है। तस्करी रोकने के लिए एसपी धवल जायसवाल ने निर्देश दिया है। रात में हाइवे से गुजरने वाले वाहनों की चेकिंग करके पुलिस कई बार पशु तस्करों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसलिए पशु तस्करों ने दिन में तस्करी शुरू कर दी है। इसकी जानकारी रविवार की सुबह पुलिस को मिली। सूचना के आधार पर सीओ तमकुहीराज जीतेंद्र सिंह कालरा ने एसएचओ तमकुहीराज अश्वनी राय और तरयासुजान के एसएचओ आरके सिंह की टीम गठित करके पशु तस्करों की घेराबंदी करने हाइवे पर पहुंचे। दोपहर करीब दो बजे पुलिस टीम ने बिहार जा रहे दो ट्रकों को चेक करने के लिए रोकने का प्रयास किया। तब ट्रक ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ा दी। ट्रक में पशुओं के लदे होने की आशंका में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर ली।
दोनों ओर से पुलिस को देखकर तस्करों ने लतवा बाजार बड़ी गंडक नहर के पास ट्रकों को खड़ा कर दिया। उनमें सवार तीन लोग झाड़ियों में जाकर छिप गए। पुलिस ने जब उनको बाहर निकलने को कहा तो वह झाड़ियों के बीच से गोली चलाने लगे। तस्करों के गोली चलाने पर पुलिस ने जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक तस्कर के पैर में गोली लग गई।उसके दो अन्य साथियों ने भागने की कोशिश तो पुलिस ने उनको दबोच लिया। पूछताछ में घायल की पहचान रामपुर जिले के रजौड़ा निवासी जरीफ के रूप में हुई। उसके दो अन्य साथी टांडा निवासी रशीद और मुरादाबाद जिले के भगतपुर निवासी जाहिद है। घायल जरीफ को अस्पताल भेजकर पुलिस ने ट्रकों की तलाशी ली। ट्रक में लदे कुल 51 पशु मिले जिनको पुलिस ने मुक्त करा दिया। कार्रवाई के दौरान तीन तमंचा, कारतूस और खोखा भी बरामद हुआ है।
दो ट्रक से पशुओं को ले जाने की सूचना पर कार्रवाई की गई। बदमाशों ने पुलिस टीम पर गोली दागकर भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी। घायल बदमाश सहित तीनों से पूछताछ करके जानकारी जुटाई जा रही है। जीतेंद्र सिंह कालरा, सीओ तमकुहीराज