दुर्गा पंडालों में आग के समुचित प्रबंध नहीं होने पर पुलिस की ओर से नोटिस दिया जा रहा है। सभी जगहों पर आग से बचाव के इंतजाम करने की चेतावनी दी जा रही है। हालांकि, इसके पूर्व पूजा समितियों की बैठक में पुलिस ने सभी को शासन के निर्देशों से अवगत करा दिया था, लेकिन इसके बाद भी लोगों ने इसका ध्यान नहीं रखा। भदोही में हुई दुर्घटना के बाद पुलिस जांच का कोरम पूरा करते हुए नोटिस थमाकर जिम्मेदारी निभा रही है।
दुर्गा पूजा पंडाल में यह होनी चाहिए व्यवस्था
- अस्थायी रूप से बनाए जा रहे पंडाल की ऊंचाई तीन मीटर से कम नहीं होनी चाहिए।
- पंडाल के निर्माण में सिन्थेटिक (कपड़ा, रस्सी, थर्माकोल) का प्रयोग नहीं होना चाहिए।
- विद्युत व्यवस्था विद्युत कार्य के लाइसेंसी ठेकेदार से ही कराए जाएं, तथा इलेक्ट्रिकल सेफ्टी से आडिट करा लिया जाए। कोई भी तार खुला या ढीला नहीं होना चाहिए।
- इमरजेंसी लाइट की व्यवस्था होनी चाहिए।
- हैलोजन लाइट का प्रयोग किसी भी दशा में पंडाल या अस्थायी निर्माण में नहीं किया जाना चाहिए।
- पंडाल के अंदर खुली आग का प्रयोग न किया जाए। धूम्रपान नहीं करना चाहिए।
- पंडाल के अंदर विस्फोटक, आतिशबाजी का प्रयोग न किया जाए
- बाहर निकलने के कम से कम दो रास्ते एक दूसरे से विपरीत दिशा में और इनकी न्यूनतम नौ मीटर चौड़ाई होनी चाहिए।
- प्रत्येक रास्ते पर निकास मार्ग चमकीले अक्षरों में होना चाहिए जो आसानी से दिखाई दे।
- पंडाल के बाहर तथा अंदर पानी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए, तथा मानकों के अनुसार अग्निशमन यंत्र रखे होने चाहिए।
- आवश्यकता महसूस होने पर फायर सर्विस की ओर से स्टैंडबाई ड्यूटी लगाई जाए।
दुर्गा पंडालों में आग से बचाव के लिए नोटिस दिया गया है। पंडाल में आग से बचाव का इंतजाम करें। अन्यथा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- धवल जायसवाल, एसपी
दुर्गा पंडालों में आग से बचाव के इंतजाम होने चाहिए। जनपद के अधिकतर पंडाल में आग से बचाव के इतंजाम नहीं हैं। इनको नोटिस दिया जाएगा।
- एस के दोहरे, अग्निशमन अधिकारी, कुशीनगर