पुलिस की वर्दी पहन जमाता था धौंस, नौकरी दिलाने के नाम पर करता था ठगी
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पुलिस की वर्दी में सरकारी नौकरी और महिलाओं का योजना का लाभ दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने हाईवे पर चोरी की बाइक के साथ रविवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी देवरिया जिले का रहने वाला है। ठगी की शिकार महिला की शिकायत के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने उसे दबोच लिया। आरोपी पर लखनऊ, गोरखपुर समेत कई थानों में जालसाजी का केस दर्ज है।
तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के मधुरिया गांव निवासी जरीना खातून ने एसपी संतोष कुमार मिश्रा को पत्र देकर देवरिया जिले के महुआडीह थाना क्षेत्र के भटनी हरैया निवासी जमील अहमद पुत्र मोफिल पर सरकारी योजना के तहत सिलाई सेंटर का लाभ दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये की ठगी का आरोप लगाया।
एसपी के आदेश पर तुर्कपट्टी पुलिस ने हाईवे पर मधुरिया कट के पास से इंस्पेक्टर की वर्दी में आरोपी को दबोच लिया। एसपी ने बताया कि आरोपी सरकारी शिक्षक के अलावा सरकार की ओर से संचालित योजना का लाभ दिलाने के नाम पर जिले की महिलाओं से ठगी करता था। अब तक की जांच में डेढ़ लाख रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है।
इसके पास से पुलिस ने पुलिस उपाधीक्षक रैंक की फर्जी वर्दी और चोरी की बाइक बरामद की है। पुलिस का दावा है कि वह हाईवे पर सक्रिय गिरोह से आरोपी जुड़ा है। पुलिस को पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। इसके गिरोह में शामिल बाकी लोगों की तलाश भी पुलिस तेज कर दी है। आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया,जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
ऐसे करता था ठगी कि नहीं समझ पाते थे लोग
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह खुद को सरकारी विश्वकर्मा योजना का अधिकारी बताकर महिलाओं को सिलाई सेंटर का प्रशिक्षक बनाने, सिलाई मशीन, सैलरी और सरकारी योजना के तहत मिलने वाले अन्य सामान का लालच देकर ठगी करता था।
आरोपी कभी वर्दी पहनकर तो कभी सादे लिबास में महिलाओं के बीच पहुंचकर खुद को अधिकारी बताता था और नौकरी दिलाने का झांसा देकर रकम ऐंठता था। इलाका बदल-बदल कर ठगी को अंजाम देता था। इसका संगठित गैंग है। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2019 में गोरखपुर कैंट थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। लखनऊ के नाका हिंडोला थाने में भी इसके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज है।