पडरौना। राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष रामेश्वर कुशवाहा की सोशल मीडिया पर की गई धार्मिक टिप्पणी के विरोध में हिंदूवादी संगठनों के लोग सड़क पर उतर आए हैं। रविवार की देर शाम हिंदूवादी संगठनों के लोगों ने कोतवाली के सामने से पैदल मार्च करते हुए सुभाष चौक पर पहुंचे और वहां पर पुतला जला विरोध प्रदर्शन किया। हिंदूवादी संगठनों के लोगों ने गिरफ्तारी न होने की दशा में सोमवार से धरना पर बैठने की चेतावनी दी है।
कोतवाली पुलिस को तहरीर देने के बाद दर्ज हुए केस में हिंदूवादी संगठनों ने 48 घंटे के भीतर धार्मिक टिप्पणी करने वाले रामेश्वर कुशवाहा को गिरफ्तार करने का अल्टीमेटम दिया था। इस मामले में आरोपी राशोसपा जिलाध्यक्ष पुलिस को चकमा देकर फरार है। रविवार की शाम तक गिरफ्तारी न होने से नाराज लोगों ने आरएसएस कार्यालय पर बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई।
इसके बाद वे कोतवाली गेट पर पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। यहां से पैदल मार्च करते हुए लोग सुभाष चौक पर पहुंचे, जहां राशोसपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर कुशवाहा का पुतला फूंका। आरएसएस के जिला कार्यवाह रवि कृति ने कहा कि किसी को भी हिन्दू धर्म पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।
रामेश्वर कुशवाहा ने धार्मिक टिप्पणी कर अपनी संकीर्ण मानसिकता का परिचय दिया है। किसी भी कीमत पर उनका यह कृत्य क्षम्य नहीं है। भाजपा नेता नीरज सिंह बिट्टू ने कहा कि अगर सोमवार की दोपहर 12 बजे तक रामेश्वर कुशवाहा की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे लोग एक बजे से धरना पर बैठ जाएंगे।
इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के ज़िलाध्यक्ष मुकेश, सनत पांडेय, अनिकेत, अक्षय साहनी, राजेश पांडेय, विकास दीक्षित, अनुज मिश्रा, धवन जायसवाल, गौ रक्षा प्रमुख नीतीश कुशवाहा, सत्यम पाठक, आदित्य दीक्षित, अंकित तिवारी, नितिन साहा आदि मौजूद रहे।