कुशीनगर। सामाजिक ताने-बाने से घिरे गांव में तो टोटकों का जादू सर चढ़ के बोलता है। लेकिन इसी टोटके को पढ़ा-लिखा प्रशासनिक अमला और पुलिसिया तंत्र भी अपना रहा है। साल 2025 की बेहतरी के लिए खाकी ने भी टोटके का साथ लिया और 31 दिसंबर की रात के बाद बड़े धाराओं में केस दर्ज करने से परहेज करती रही।
सेवानिवृत पुलिस उपनिरीक्षक देवेंद्र पांडेय बताते हैं कि शुभ कार्यों में जिस प्रकार लोग टोटके के सहारे श्रीगणेश करते हैं उसी तरह हर थाने में पुरानी प्रथा है कि लोग चाहते हैं कि जो केस दर्ज हो वह ऐसा केस हो, जिसका समाधान आसानी से किया जा सके। नए साल पर समाज में एक टोटका सर्व प्रचलित है कि किसी भी कार्य की जिस प्रकार शुरुआत होती है पूरे साल उसके आधार पर ही कार्यप्रणाली रहती है।
इस टोटके के आधार पर लोगों का यह प्रयास रहता है कि उस दिन कार्य शुभ ही हो। इसी टोटके के आधार पर खाकी पूरे साल की बेहतरी के लिए नंबर वन के मुकदमों को ही दर्ज करने में रुचि लेते हैं।
एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि नए साल पर सब लोग बेहतर करने का प्रयास करते हैं। पुलिस भी इंसान है। साल के पहले दिन पुलिस चाहती है कि कोई अनहोनी न हो और केस दर्ज नहीं करना पड़े। यह प्रथा काफी पहले से चली आ रही है।