पडरौना। म्यांमार के यांगून में फंसे शहर के दो और बिहार के एक युवक की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शनिवार को पूरे दिन शहर के दोनों युवकों का फोन नहीं आया। मैसेज भेजकर परिजनों को बताया कि बातचीत पर सख्ती कर दी गई है, फोन पर बात होनी मुश्किल है।
वहीं, मोहम्मद उस्मान ने चारपाई पर लेटे हुए सीतामढ़ी के अनुरंजन का फोटो भेजकर बताया कि भोजन सही नहीं मिलने और चिंता के चलते इनकी तबीयत बिगड़ गई है और बार-बार बेहोश हो जा रहे हैं। मेरी भी शुगर की दवा भी अब तक नहीं मिल सकी है। अब कुछ समझ में नहीं रहा है। इसके चलते घर वालों की चिंता बढ़ गई है।
शहर के महाराणा प्रताप नगर के रहने वाले मोहम्मद उस्मान और मोहम्मद हसन तथा इनका दोस्त सीतामढ़ी के अनुरंजन जालसाजों के चक्कर में फंसकर म्यांमार के यांगून के पहाड़ी क्षेत्रों में जाकर फंस गए हैं। वहां पर तीनों भारतीय युवकों के अलावा चीन के युवक हैं, इनके साइबर फ्राड का काम कराया जा रहा है।
मोहम्मद उस्मान का भाई मोहम्मद अमीर अंसारी ने बताया कि सुबह पांच से आठ बजे के बीच फोन आता था,लेकिन आज फोन नहीं आने से पूरा परिवार परेशान है। मैसेज आया है कि फोन पर बातचीत पर अभी सख्ती बरती गई है, इस लिए बात होना संभव नहीं है।
वहीं मोहम्मद उस्मान व्हाट्सएप पर अनुरंजन का लेटे हुए फोटो भेजा है और लिखा है कि इसकी तबीयत बिगड़ती जा रही है बार-बार बेहोश हो जा रहा है। मेरी भी शुगर की दवा अभी तक नहीं मिल सकी है। मोहम्मद हसन की मां जुबैदा ने बताया कि फोन नहीं आने से अनहोनी की चिंता सताने लगी है। अब तक विदेश मंत्रालय की ओर से कोई सार्थक पहल नहीं हो सकी है, नहीं तो बेटे की घर वापसी हो गई होती।